

उमरिया के घुनघुटी में तेंदुए के शव मिलने से मचा हड़कंप, 5-6 वर्ष की उम्र का था तेंदुआ।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे डीएफओ और वन विभाग की टीम।
वन विभाग की गश्त और वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए सवाल।
Leopard Death Case Umaria: उमरिया जिले के घुनघुटी वन परिक्षेत्र में एक तेंदुए का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। आरएफ-233 अमहाई धार नाला के पास करीब 5 से 6 वर्ष उम्र के तेंदुए का शव बरामद हुआ है। घटना के बाद वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और जांच शुरू की, लेकिन तेंदुए की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर विभाग की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
जानकारी के अनुसार, तेंदुए का शव मिलने की सूचना पर डीएफओ सहित वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। मामले की जांच के लिए डॉग स्क्वॉड की मदद भी ली गई। वहीं, स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि तेंदुए की मौत किसी बाघ के साथ संघर्ष के दौरान हुई हो सकती है। हालांकि, वन विभाग ने इस आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
इस घटना ने वन विभाग की गश्त और वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि संवेदनशील वन क्षेत्र में तेंदुए की मौत किन परिस्थितियों में हुई? क्या नियमित गश्त में कोई चूक हुई या फिर मामला शिकार से जुड़ा है? फिलहाल इन सवालों पर विभाग की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि, वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा को लेकर घुनघुटी वन परिक्षेत्र पहले भी सवालों के घेरे में रहा है। ऐसे में तेंदुए की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पारदर्शी जांच की मांग उठना स्वाभाविक है। विभाग की ओर से फिलहाल पोस्टमार्टम के आधार पर मौत का कारण स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि तेंदुए की मौत बाघ के साथ संघर्ष का परिणाम है या इसके पीछे शिकार जैसी कोई आशंका है? इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगा। लेकिन फिलहाल वन विभाग की चुप्पी ने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया है।