कानपुर में स्वाइन फ्लू से पहली मौत; दो और निकले संक्रमित, एक की हालत गंभीर, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

Kanpur H1N1 Death: स्वाइन फ्लू से पहली मौत की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 30 वर्षीय युवक में H1N1 संक्रमण मिला। अस्पताल स्टाफ का वैक्सीनेशन शुरू किया गया। अस्पताल की लापरवाही सामने आई है।
Kanpur Reports First Swine Flu Death as Postmortem Confirms H1N1 Infection
स्वाइन फ्लू(सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Kanpur Swine Flu Death: स्वाइन फ्लू संक्रमण से शहर में पहली मौत का मामला सामने आया है।रावतपुर के अनुराग हास्पिटल में 28 अगस्त को निमोनिया के लक्षण के साथ भर्ती हुए कन्नौज के 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी।अस्पताल में चार दिन इलाज के बाद एक सितंबर को हुई मौत के बाद स्वजन के हंगामे पर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुई पुष्टि

शनिवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू के एचवन एनवन संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं, एलएलआर अस्पताल में गंभीर स्थिति में कानपुर देहात के 55 वर्षीय संक्रमित का इलाज किया जा रहा है। जबकि चार माह के बेटे में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद स्वजन उसे लेकर लखनऊ रवाना हो गए हैं।

कन्नौज के युवक की हुई थी मौत, निजी अस्पताल की भी लापरवाही

कन्नौज के ग्राम तेरा जाकेट गुरसहायगंज के3 30 वर्ष के युवक को 28 अगस्त को पेट में दर्द की समस्या के साथ रावतपुर के अनुराग हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां पर अस्पताल प्रबंधन ने स्वाइन फ्लू के मरीज को अन्य मरीजों के बीच भर्ती कर इलाज किया था। इलाज के दौरान युवक की मौत के बाद स्वजन ने हंगामा किया था, तब मौत के कारण का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया गया था।

Kanpur Reports First Swine Flu Death as Postmortem Confirms H1N1 Infection
अलीगढ़ में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट; 30 मरीज मिलने पर मचा हड़कंप, अस्पतालों में 70 बेड रिजर्व

परिजनों का आरोप था की हालत गंभीर होने पर अस्पताल प्रशासन ने रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि की थी लेकिन इलाज नहीं किया। वहीं निजी अस्पताल की लापरवाही भी सामने आई कि अगर स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो गई थी तो स्वास्थ्य विभाग को बिना सूचना दिए अन्य मरीजों के बीच में कैसे इलाज करते रहे।

जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद हड़कंप मच गया। पोस्टमार्टम प्रभारी डा. विपुल चतुर्वेदी ने बताया कि पोस्टमार्टम में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद इसकी जानकारी सीएमओ डा. हरिदत्त नेमी को दे दी है। अनुराग हास्पिटल के डा. अनुराग सेंगर ने बताया कि स्वजन ने वायरल निमोनिया बताकर भर्ती कराया था। बाद में जांच में पता चला कि स्वाइन फ्लू है। अस्पताल के डाक्टर व स्टाफ की जांच कराई जाएगी।

स्टाफ का वैक्सीनेशन शुरू

चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक प्रो. सौरभ अग्रवाल ने बताया कि स्वाइन फ्लू के खतरे को देखते हुए पैरामेडिकल स्टाफ का वैक्सीनेशन शुरू कर दिया गया है। पहले चरण में 25 पैरामेडिकल स्टाफ को वैक्सीन लगाई है। चिकित्सालय की पैथोलॉजी में अलग से लक्षण युक्त मरीजों की सैंपलिंग की व्यवस्था की गई है।

Kanpur Reports First Swine Flu Death as Postmortem Confirms H1N1 Infection
यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा, विनोद तावड़े बोले- पूरी ताकत से मैदान में उतरेगा NDA

शुरुआती लक्षण

प्रो. जेएस कुशवाहा बताया कि इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं। वायरस के संपर्क में आने के लगभग तीन से पांच दिनों के भीतर एचवन एनवन के लक्षण दिखते हैं। अधिक थकान, बुखार, मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना, सिरदर्द, गले में खरास, खांसी के साथ दिखते हैं। जिसका सबसे ज्यादा खतरा पांच वर्ष से छोटे बच्चे, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले, डायबिटीक, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग में बना रहता है।

ऐसे करें बचाव

  • भीड़भाड़ वाले स्थान में जाने बचना चाहिए।

  • खांसते-छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल से ढक लेना चाहिए।

  • इसकी जांच के लिए रैपिड इंफ्लूएंजा डायग्नोस्टिक टेस्ट, वायरल कल्चर की जांच से स्वाइन फ्लू की जांच की जाती है।

  • बचाव के लिए पर्याप्त आराम, शरीर में पर्याप्त तरल की मात्रा, बुखार में डाक्टर की सलाह पर दवा व गंभीर लक्षण दिखने पर अस्पताल में भर्ती होना चाहिए।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com