

Kanpur Congress Bathtub Boat Protest: कानपुर में हुई महज 1 घंटे की बारिश ने नगर निगम और महापौर के दावों की पोल खोल कर रख दी तो इसका फायदा विरोधी क्यों ना उठाएं। महज 1 घंटे की हुई बारिश ने कानपुर दक्षिण के मुख्य बाजार गोविंद नगर की मुख्य सड़क पर जलभराव की ऐसी स्थिति हुई कि सड़क पर ही तालाब बन गया।
मौके का फायदा उठाते हुए कांग्रेस नेता विकास अवस्थी ने बाथ टब को नाव बना दिया और सड़क पर लेकर निकल पड़े। इस दौरान कांग्रेस नेता विकास अवस्थी ने नगर निगम और महापौर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार को घेरा।
शहर में नाला सफाई और जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए करोड़ों रुपए का बजट नगर निगम ने पास किया लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। आलम यह है कि महज 1 घंटे की बारिश ने ही शहर की मुख्य बाजार को तालाब बना दिया। सड़क पर स्थिति यह हुई कि कांग्रेसी नेता नाव लेकर निकल पड़े और विरोध जताते हुए करोड़ों रुपए की बंदरबाट करने का आरोप लगा दिया।
बाजार की सड़कों पर जलभराव पर कांग्रेस नेता विकास अवस्थी ने बाथ टब को नाव बना दिया और सड़क पर लेकर निकल पड़े। कांग्रेस नेता विकास अवस्थी ने आरोप लगाया कि नाला सफाई और जलभराव की समस्या को दूर करने के नाम पर नगर निगम के अधिकारियों ने करोड़ों रुपए का घोटाला किया है। कांग्रेसी नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नगर निगम ने जल निकासी व्यवस्था नहीं सुधारी तो जनता भी इसी तरह सड़कों पर पानी के बीच नाव या टब लेकर निकलने को मजबूर होगी।
बता दें, जांच में यह बात सामने आई थी कि नाला सफाई के नाम पर कार्यवाही संस्थाओं ने खूब खेल किया। लापरवाही की हदें पार कर डाली। खुलासा होने पर 10 ठेकेदार फर्मों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया था, साथ ही आठ कंपनियां डिबार घोषित की गई थी। कार्रवाई में मेसर्स आशिका ट्रेडर्स, मां बाला देवी कंस्ट्रक्शन कंपनी, तिवारी ऑटो सेल्स, अनमोल इंटरप्राइजेज ,आद्रिका एंटरप्राइजेज, मां रामवती ट्रेडर्स, मां कालिका देवी कंस्ट्रक्शन कंपनी, मेसर्स संजय शर्मा और एन एन एंटरप्राइजेज समेत 10 फर्म को ब्लैक लिस्ट किया गया।
वहीं, मेसर्स एमके ट्रेडर्स, जीएफ एंटरप्राइजेज, कनक कंस्ट्रक्शन कंपनी, प्रयान एंटरप्राइजेज, श्री सिद्धनाथ कंस्ट्रक्शन, एस इंटरप्राइजेज, कनक कंक्रीट और मेसर्स पेसिफिक एंटरप्राइजेज को डिबार कर दिया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उच्चस्तरीय बैठक में कानपुर नगर निगम की कार्यशैली और व्यवस्थाओं पर कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने कानपुर में विशेष तौर पर जलभराव,जर्जर हालत, ठेकों में कथित माफियागिरी और अवैध टैक्स वसूली को लेकर अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चेतावनी देने के बावजूद भी नगर निगम के अधिकारी नहीं सुधरे।आलम यह है कि विपक्षी दल सड़क पर नाव लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और अधिकारियों के इस लचर रवैया से सरकार की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आ रही है। अब ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि जब मुख्यमंत्री की चेतावनी के बाद भी नगर निगम के अधिकारी नहीं सुधरे तो आखिर शहर की स्थिति को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री को क्या कदम उठाना पड़ेगा।