

Kanpur House Courtyard Collapse: कानपुर में शुक्रवार सुबह घर का आंगन अचानक धंस गया। इसमें 18 साल की लड़की गिर गई। घर में चीख-पुकार मच गई। बड़ी बहन ने देखा तो उसने मां-बाप, भाई-बहन को बुलाया। उन्होंने रस्सी डालकर निकालने की कोशिश की। लेकिन, इतनी देर में मिट्टी और धंस गई और लड़की अंदर चली गई। वह दिखना बंद हो गई।
घटना शुक्रवार सुबह 6:40 बजे की है। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस और फायर बिग्रेड की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने देखा कि गड्ढे के अंदर उतरना मुमकिन नहीं था, वह और धंस सकता था। इसलिए बगल में एक और गड्डा खोदकर लड़की तक पहुंचने की कोशिश की गई।
रेस्क्यू में NDRF, SDRF और फायर ब्रिगेड के करीब 60 जवान लगे हैं। परिजनों के मुताबिक, करीब तीन साल पहले घर के अंदर बोरिंग कराई गई थी। वहां पानी नहीं निकला तो दूसरी जगह बोरिंग कराई गई। आशंका है कि उसी बोरिंग के कारण बारिश के बाद जमीन कमजोर हुई और धंस गई।
मामला जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर गांव का है।लड़की का नाम यशी सविता है। वह पिता विनोद, मां रेखा देवी, 3 बहनों- रुचि, रूपा, अनुपमा और भाई भास्कर उर्फ अमित के साथ घर में रहती है।
जेसीबी से खुदाई में दिक्कत आने पर अब लड़की के रेस्क्यू के लिए पोकलैंड मशीन मंगाई गई ।सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा और राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। समानांतर गड्ढा खोदकर गड्ढे में गिरी लड़की को निकालने का प्रयास किया गया।
परिवार के लोगों का कहना है कि 3 वर्ष पूर्व आंगन में बोरिंग कराने का प्रयास किया गया था क्योंकि बोरिंग सफल नहीं हो पाई थी इसलिए घर के बाहर बोरिंग कराई गई थी जिस जगह बोरिंग कराई गई थी वहीं की जमीन अचानक से धंस गई है।
गड्ढे में गिरी लड़की का रेस्क्यू किया गया एसीपी आशुतोष कुमार सिंह ने बताया लड़की के रेस्क्यू के लिए समानांतर 25 फीट का गड्ढा खोदा गया और गड्ढे में गिरी लड़की को बाहर निकाल कर अस्पताल भेजा गया है हालत गंभीर है लेकिन सफलतापूर्वक लड़की को बाहर निकाल लिया गया है।