11 घंटे चली रेड: फिर हिरासत में लिए गए 11 शातिर, फर्जी कॉल सेंटर चलाकर विदेशी लोगों को बना रहे थे ठगी का शिकार

Kanpur Fake Call Centre: जाजमऊ में पुलिस ने फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का खुलासा करते हुए 11 लोगों को हिरासत में लिया। आरोप है कि अमेरिका और यूरोप के नागरिकों को लोन सेटलमेंट के नाम पर ठगा जाता था।
Kanpur Fake Call Centre Busted: 11 Detained After 11 Hour Raid in Jajmau
फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का खुलासा (सोर्स- नवभारत लाइव)
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International Call Centre Fraud Kanpur: जाजमऊ में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर पर 11 घंटे चली रेड में 11 लोग हिरासत में लिए गए हैं। कार्रवाई के दौरान प्राइवेट गाड़ी से आरोपियों को भगाने के प्रयास और मीडिया से अभद्रता को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे हैं।

कानपुर पुलिस ने सोमवार शाम को जाजमऊ के मदीना मस्जिद में तीन मंजिला अपार्टमेंट में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर में छापेमारी कर 11 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। कॉल सेंटर से अमेरिका और यूरोप के नागरिकों को लोन सेटेलमेंट के नाम पर ठगा जा रहा था। जाजमऊ के मदीना मस्जिद के पास बने जम जम अपार्टमेंट की दूसरी मंजिल में फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था।

यहां पर सोमवार शाम छह बजे क्राइम ब्रांच, साइबर सेल की टीम ने छापेमारी की। छापेमारी की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। इस दौरान टीम ने करीब 11 घंटे तक छापेमारी की। छापेमारी मंगलवार तड़के सुबह पांच बजे खत्म हुई। कॉल सेंटर चलाने वाला कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा पाया। इस कॉल सेंटर से अमेरिका, यूरोप के लोगों को लोन सेटेलमेंट के नाम पर ठगा जा रहा था।

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डेढ़ साल से चला रहा था पूरा नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक, वाहिब करीब डेढ़ साल से यह काम कर रहा था। राहुल कश्यप कॉल सेंटर के सुपरविजन की जिम्मेदारी संभालता था।

साइबर क्राइम टीम कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी और उसके भुगतान के तरीके की भी जांच कर रही है। इसके अलावा कॉल सेंटर के संचालन और दूसरी कंपनियों से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।

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क्लाउड से मिलता था विदेशी नागरिकों का डाटा

कॉल सेंटर के कर्मचारियों को मल्टीपल लोन लेने वाले विदेशी नागरिकों का डाटा क्लाउड के जरिए दिया जाता था। इसके बाद कर्मचारी अमेरिका और लंदन के लोगों को कॉल करते थे।

कॉल के दौरान खुद को क्रेडिट इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट से जुड़ा बताकर विदेशी नागरिकों से बातचीत की जाती थी। कर्मचारियों को बाकायदा एक स्क्रिप्ट दी जाती थी। इसमें यह लिखा रहता था कि कॉलर को सामने वाले से क्या कहना है और किन बातों का जिक्र नहीं करना है।

स्क्रिप्ट के मुताबिक, विदेशी नागरिकों को IVA के जरिए लोन सेटलमेंट का झांसा दिया जाता था। उन्हें बताया जाता था कि आवेदन करने पर लोन की 60 प्रतिशत रकम सेटल हो जाएगी और बाकी 40 प्रतिशत किश्तों में चुकानी होगी।

इसके बाद काउंसलिंग फीस के नाम पर रकम ली जाती थी। यह फीस कितनी होती थी, इसका अभी खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस के मुताबिक, काउंसलिंग फीस लखनऊ स्थित हेडक्वार्टर में जमा होती थी।

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