'किसान आंदोलन में रेप-मर्डर हुए', कंगना रनोट के इस बयान पर बड़ा एक्शन; राजद्रोह का मुकदमा

अभिनेत्री और BJP सांसद Kangana Ranaut अपने विवादित बयानों को लेकर एक बार फिर मुश्किल में घिर गई हैं। किसान आंदोलन को लेकर दिए गए उनके एक बयान पर अब आगरा की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।
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अभिनेत्री व भाजपा सांसद कंगना रनोत (फोटो- सोशल मीडिया)
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Kangana Ranaut Sedition Case: अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट अपने विवादित बयानों को लेकर एक बार फिर मुश्किल में घिर गई हैं। किसान आंदोलन को लेकर दिए गए उनके एक बयान पर अब आगरा की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कंगना के खिलाफ किसानों के अपमान और राजद्रोह का केस चलाने की इजाजत दे दी गई है। यह मामला उनके उस इंटरव्यू से जुड़ा है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर किसान आंदोलन में रेप और मर्डर होने की बात कही थी।

बुधवार को आगरा में स्पेशल जज एमपी-एमएलए लोकेश कुमार की अदालत में इस मामले पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने कंगना रनोट के खिलाफ दायर रिवीजन याचिका को स्वीकार कर लिया है। खास बात यह है कि अब यह सुनवाई उसी निचली अदालत में होगी जिसने पहले इस केस को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने सोमवार 10 नवंबर को कंगना के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है।

वो बयान जिस पर मचा है बवाल

कंगना रनोट ने 24 अगस्त 2024 को एक इंटरव्यू में यह विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था, "अगर हमारा शीर्ष नेतृत्व मजबूत नहीं रहता तो किसान आंदोलन के दौरान पंजाब को भी बांग्लादेश बना दिया जाता। वहां रेप और हत्याएं हो रही थीं।" कंगना ने किसान बिल वापस लिए जाने का जिक्र करते हुए कहा था कि इन उपद्रवियों की बहुत लंबी प्लानिंग थी और वे देश में कुछ भी कर सकते थे। उन्होंने 'उड़ता पंजाब' का जिक्र करते हुए यह भी कहा था कि पंजाब में ड्रग्स माफिया, धर्म परिवर्तन कराने वाले गैंग और खालिस्तानी समर्थक खूब फल-फूल रहे हैं।

'किसानों को बताया हत्यारा-बलात्कारी'

इस बयान के खिलाफ वकील रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को कोर्ट में याचिका दायर की थी। एडवोकेट शर्मा ने कहा कि वह खुद एक किसान परिवार से हैं और 30 साल तक खेती की है। कंगना के बयान से उनकी और लाखों किसानों की भावनाएं आहत हुई हैं। शर्मा के मुताबिक, कंगना ने कहा था कि किसान आंदोलन के दौरान रेप और मर्डर हुए। इसका मतलब साफ है कि उन्होंने किसानों को हत्यारा, बलात्कारी, आतंकवादी और उग्रवादी करार दिया। इसी आधार पर उन्होंने राजद्रोह का केस दर्ज करने की मांग की थी।

जानकारी के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद कंगना के खिलाफ बीएनएस की धारा 356 और 152 के तहत केस चलेगा। इस मामले में कंगना को 6 समन जारी हो चुके हैं, लेकिन वह आज तक कोर्ट में पेश नहीं हुई हैं। अब निचली अदालत में केस की सुनवाई दोबारा शुरू होने से कंगना रनोट की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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