नागपुर में थमा किसान आंदोलन, ट्रैफिक खुला, शहर ने ली राहत की सांस, रात भर बारिश में भीगे किसान

Nagpur Farmers Protest Update: नागपुर में किसान आंदोलन के बाद ट्रैफिक जाम खत्म, यातायात सामान्य हुआ। बारिश से स्थल पर कीचड़, किसानों ने मंगल कार्यालयों में डेरा डाला।
Nagpur Farmers Protest Update: नागपुर में किसान आंदोलन के बाद ट्रैफिक जाम खत्म, यातायात सामान्य हुआ। बारिश से स्थल पर कीचड़, किसानों ने मंगल कार्यालयों में डेरा डाला।
यातायात सामान्य (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur News Live Update: प्रहार जनशक्ति पार्टी के किसान आंदोलन के कारण पिछले 2 दिनों से वर्धा रोड पर लगा यातायात जाम गुरुवार को सुबह खुल जाने से आवागमन सामान्य हो गया है। नागरिकों को राहत मिली है। प्रदर्शनकारियों ने उसी इलाके के कई मंगल कार्यालयों को किराये पर लिया है और वहीं पर डेरा डाल लिया है।

बुधवार को उच्च न्यायालय ने तत्काल राजमार्ग खाली करने का आदेश दिया था। उस आदेश का सम्मान करते हुए पूरी सड़क को खाली कर दिया गया। इससे आम नागरिकों ने भी राहत की सांस ली। बुधवार की रात से बारिश शुरू होने के कारण आंदोलन के लिए आए किसानों को भीगना पड़ा। इसके अलावा परसोडी स्थित आंदोलन स्थल पर कीचड़ हो जाने से किसानों के रहने का बड़ा सवाल खड़ा हो गया था।

यातायात हुआ सामान्य

आखिरकार रातभर बारिश में भीगे किसानों के लिए आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के 10 मंगल कार्यालयों और सामुदायिक भवनों में ठहरने की व्यवस्था की गई। कार्यकर्ताओं ने इन मंगल कार्यालयों में ही डेरा डाला और यहीं पर भोजन भी तैयार किया। बारिश के कारण रातभर सो न पाए कार्यकर्ताओं ने बच्चू कड़ू और अन्य किसान नेताओं के मुंबई रवाना होने के बाद दिनभर विश्राम किया।

इस बीच पिछले 2 दिनों से जाम पड़ा वर्धा मार्ग गुरुवार को पूरी तरह से खुल गया जिससे यातायात सामान्य रहा। दोनों तरफ के साथ ही आउटर रिंग रोड से भी आवागमन शुरू हो गया था। सड़कों पर कहीं भी वाहनों की भीड़ नहीं थी। इससे वर्धा और चंद्रपुर नियमित रूप से जाने वाले नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत मिली। दिनभर बसें भी चलती रहीं जिससे एसटी (राज्य परिवहन) को भी राहत मिली।

आशा और आक्रामकता भी

गुरुवार शाम 7 बजे बच्चू कड़ू, महादेव जानकर, राजू शेट्टी और अन्य किसान नेताओं की मुख्यमंत्री के साथ बैठक होने के कारण कार्यकर्ता सकारात्मक चर्चा की उम्मीद कर रहे थे। चर्चा हुई है। निर्णय सामने नहीं आया है। कार्यकर्ता आक्रामक भी दिखे। कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा थी कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने सरकार बनने के बाद कर्जमाफी का आश्वासन दिया था लेकिन एक साल बाद भी कर्जमाफी नहीं दी गई। अगर आंदोलन के मामले में भी ऐसा ही होता है तो सरकार को बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।

कामकाजी, छात्रों को राहत

वर्धा रोड पर बड़े पैमाने पर उद्योग, स्कूल, कॉलेज हैं। इन सभी की दिनचर्या खराब हो गई थी। फैक्टरियों में आना-जाना मुश्किल था। वहीं स्कूल, कॉलेज बंद कर दिए गए थे। इन सभी लोगों ने राहत की सांस ली है। इतना ही नहीं, चंद्रपुर और वर्धा से अप-डाउन करने वाले भी राहत महसूस कर रहे हैं।