

Union Minister Ravneet Bittu Said Pakistan Involved in Delhi Blast: दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट मामले में अब पाकिस्तान का नाम सीधे तौर पर सामने आ गया है। मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस आतंकी हमले के लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। बिट्टू ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि पंजाब में मानसून की बाढ़ के दौरान टूटी फेंसिंग का फायदा उठाकर पाकिस्तान ने भारत में भारी मात्रा में हथियार भेजे थे, जिनका इस्तेमाल इस ब्लास्ट में किया गया।
केंद्रीय मंत्री ने चेताया कि इस ब्लास्ट में शामिल डॉक्टर, प्रोफेसर और महिला को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सुरक्षा एजेंसियां मुंहतोड़ जवाब देंगी। बिट्टू ने कहा कि एजेंसियां इन्हें पकड़ने के करीब थीं, लेकिन ब्लास्ट करने वाला शख्स कार लेकर फरार हो गया, जिसकी फोटो भी जारी की गई है। उन्होंने पाकिस्तान को 'ऑपरेशन सिंदूर' याद दिलाया और कहा कि यह अभी भी जारी है।
केन्द्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने बताया कि मानसून सीजन में पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में रावी नदी ने भारी तबाही मचाई थी। इस बाढ़ के कारण भारत-पाक सीमा पर लगी करीब 30 किलोमीटर लंबी लोहे की फेंसिंग बह गई थी। अमृतसर, गुरदासपुर और फिरोजपुर सेक्टर में बॉर्डर फेंसिंग को भारी नुकसान पहुंचा था। इस दौरान सीमा सुरक्षा बल को दर्जनों चौकियां खाली करनी पड़ी थीं, क्योंकि 30 से 40 चौकियां पानी में डूब गई थीं। यहां तक कि पाकिस्तान रेंजर्स ने भी अपनी चौकियां खाली कर दी थीं।
बिट्टू के अनुसार, पाक रेंजर्स द्वारा खाली की गई चौकियों पर पाकिस्तानी तस्करों ने कब्जा कर लिया और इनका इस्तेमाल भारत में ड्रग्स और हथियार भेजने के लिए ड्रोन उड़ाने में किया। हालांकि बाढ़ के दौरान ड्रोन के मामले कम आए, लेकिन मौका मिलते ही तस्करी की गई। तस्करों ने सबसे ज्यादा ड्रोन फिरोजपुर इलाके के लिए उड़ाए। इसी बाढ़ की आड़ में हुई हथियारों की तस्करी का सबूत सितंबर में मिली बरामदगी है। फाजिल्का में 12 सितंबर को 16 पिस्तौल, 38 मैगजीन और 1847 जिंदा कारतूस पकड़े गए। इससे एक दिन पहले 27 पिस्तौलें जब्त हुई थीं। सितंबर महीने में ही कुल 8 हैंड ग्रेनेड, 1.7 किलो आरडीएक्स, 81 पिस्तौलें और करीब ढाई हजार कारतूस बरामद किए गए थे।