जस्टिस यशवंत वर्मा के मामले ने पकड़ा तूल, इलाहाबाद HC में आज भी हड़ताल, हजारों मुकदमों की सुनवाई रहेगी ठप्प
Judge Yashwant Verma News : दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टीस यशवंत वर्मा के इलाहाबाद हाई कोर्ट में उनके स्थानांतरण के खिलाफ यहां के अधिवक्ताओं की हड़ताल आज भी जारी रहेगी।
- Written By: राहुल गोस्वामी
इलाहाबाद HC में आज भी हड़ताल
प्रयागराज: जहां एक तरफ अपने आधिकारिक आवास पर भारी मात्रा में नकदी मिलने के संबंध में दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टीस यशवंत वर्मा इस समय जांच का सामना कर रहे हैं। वहीं इलाहाबाद हाई कोर्ट में उनके स्थानांतरण के खिलाफ यहां के अधिवक्ताओं की हड़ताल आज यानी गुरुवार 27 मार्च को भी जारी रहेगी। बीते बुधवार को दूसरे दिन भी सबी न्यायिक कार्य ठप रहे थे।
इस बाबत इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि अधिवक्ता आज यानी 27 मार्च को भी हड़ताल पर रहेंगे। वहीं न्यायाधीशों से भी इस आंदोलन में अपना सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया गया है।एसोसिएशन के सचिव विक्रांत पांडेय ने कहा कि जिन अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रस्ताव और चेतावनी को ना मानते हुए और रोके जाने के बावजूद न्यायालय में जाकर न्यायिक कार्य किया है, उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित की जाती है।
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उन्होंने कहा कि ऐसे अधिवक्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। स्पष्टीकरण नहीं देने वाले अधिवक्ताओं की सदस्यता समाप्त कर उच्च न्यायालय से उनके एडवोकेट रोल को निरस्त करने का आग्रह किया जाएगा। एसोसिएशन के संयुक्त सचिव (प्रेस) पुनीत कुमार शुक्ला ने बताया कि हड़ताल के कारण आज शपथपत्र केंद्र बंद रहा और एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने न्यायाधीशों से संपर्क कर इस आंदोलन में सहयोग करने का आग्रह किया।
पता हो कि, बीते 25 मार्च मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा का इलाहाबाद हाई कोर्ट स्थानांतरण के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने वाले हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा था कि उनके तबादले का आदेश एसोसिएशन को पूर्णतया अमान्य है। एसोसिएशन ने एक बयान जारी कर कहा था कि, ‘‘भ्रष्टाचार का सामना कर रहे किसी न्यायाधीश को उसके पैतृक न्यायालय में भेजने का फैसला उन्हें पुरस्कृत करने जैसा है न कि दंड देने जैसा।”
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जानकारी दें कि, बीते 26 मार्च बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया था, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टीस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास से कथित तौर पर अधजली नकदी मिलने के मामले में दिल्ली पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। CJI ने कहा था कि याचिका को सुनवाई के लिए रजिस्ट्री द्वारा सूचीबद्ध किया जाएगा।
गौरतलब है कि, दिल्ली के पॉश लुटियंस इलाके में बीते 14 मार्च को जस्टीस वर्मा के आधिकारिक आवास के एक कमरे में आग लगने के बाद, उसे बुझाते समय अग्निशमन कर्मियों और पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से नकदी बरामद की थी। वहीं इस बाबत CJI संजीव खन्ना ने आग की घटना के बाद नोटों की ‘‘चार से पांच अधजली बोरियां” जाए जाने की जांच के लिए तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया है।
