हैवान JE रामभवन और पत्नी को मृत्युदंड की सजा, फोटो- सोशल मीडिया
Banda Court Death Penalty: उत्तर प्रदेश के बांदा में इंसानियत को शर्मसार करने वाले मामले में विशेष कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। 34 मासूम बच्चों का यौन शोषण करने और उनके वीडियो अंतरराष्ट्रीय एडल्ट एडल्टसाइटों पर बेचने वाले पूर्व जेई रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इन दोनों ने मिलकर कुल 34 मासूम बच्चों का यौन शोषण किया। यह केवल यौन शोषण तक सीमित नहीं था; आरोपी रामभवन इन बच्चों के अश्लील वीडियो बनाता था और उन्हें अंतरराष्ट्रीय एडल्ट साइट्स पर बेचता था। इस घिनौने कृत्य में उसकी पत्नी दुर्गावती बराबर की हिस्सेदार थी, जो कभी खुद बच्चों के साथ संबंध बनाती थी तो कभी बच्चों को आपस में कुकर्म करने के लिए मजबूर करती थी ताकि वीडियो बनाए जा सकें।
इस मामले की सुनवाई के दौरान पीड़ित बच्चों ने जो गवाही दी, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली थी। बच्चों ने कोर्ट में बताया कि जेई रामभवन और उसकी पत्नी ने उन्हें हैवानियत का शिकार बनाया। बच्चों के बयानों के अनुसार, कभी रामभवन उनके साथ कुकर्म करता था, तो कभी दुर्गावती उनसे यौन संबंध बनाती थी। हद तो तब हो गई जब वे बच्चों को आपस में भी गलत काम करने के लिए मजबूर करते थे और उस पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग करते थे। बच्चों ने बताया कि वे उन्हें लैपटॉप सिखाने या गेम खिलवाने के बहाने अपने घर बुलाते थे और वहां उनके सामने ही पति-पत्नी खुद भी यौन क्रियाएं करते थे।
आरोपी रामभवन और दुर्गावती ने इस काले कारोबार को करीब 10 साल तक चलाया। वे जानते थे कि बच्चे डर और लालच के कारण किसी को कुछ नहीं बताएंगे। बच्चों को जाल में फंसाने के लिए ‘साम और दाम’ दोनों का इस्तेमाल किया जाता था। दुर्गावती बच्चों को अच्छा खाना खिलाती थी, वहीं रामभवन उन्हें पैसे देता था। इसके साथ ही उन्हें डराया-धमकाया भी जाता था ताकि वे अपने परिजनों से जिक्र न करें। आरोपियों ने अपने करीबियों, पड़ोसियों, दूर के रिश्तेदारों और यहां तक कि अपने सगे भांजे तक को नहीं बख्शा। चित्रकूट में अपने नाना-नानी के यहां रहकर पढ़ने वाले चार भाइयों को भी इन्होंने अपनी हवस का शिकार बनाया।
जांच में यह भी सामने आया कि यह मामला केवल स्थानीय नहीं बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का हिस्सा था। जेई रामभवन का यह कांड अमेरिका के कुख्यात एप्स्टीन केस जैसा पाया गया है। आरोपी ने बच्चों के इन अश्लील वीडियो को अमेरिका सहित दुनिया के करीब 47 देशों में एडल्ट साइटों के जरिए बेचा था। वह गरीब घर के बच्चों को दूसरे बच्चों के माध्यम से बुलवाता था और इस तरह बच्चों की संख्या बढ़ाता गया। कोर्ट में बताया गया कि एक-एक बच्चे के साथ 10 से 12 बार कुकर्म किया गया था और जब बच्चों के प्राइवेट पार्ट चोटिल हो जाते थे, तो जेई खुद उन पर दवा लगाता था ताकि वे फिर से उसके काम आ सकें।
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बांदा की विशेष अदालत ने शुक्रवार को इस मामले में अपना फैसला सुनाते हुए पति-पत्नी के कृत्यों को ‘क्रूरतम’ माना। अदालत ने 8 से 16 साल तक के बच्चों के साथ की गई इस दरिंदगी के लिए रामभवन और दुर्गावती दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला न केवल पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाने वाला है, बल्कि समाज के उन अपराधियों के लिए भी एक कड़ा संदेश है जो मासूमियत का सौदा करते हैं।