राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने बैंक अधिकारियों से कई विषयों पर चर्चा की
- Written By: अमन दुबे
लखनऊ : मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र (Chief Secretary Durga Shankar Mishra) की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (State Level Bankers Committee) (एसएलबीसी) की बैठक आयोजित की गई। अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने और प्रदेश के समग्र विकास के लिए हर एक सेक्टर के अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाई गई है और इसे सफल बनाने के लिए बैंक का रोल महत्वपूर्व है। प्रदेश का विकास जितनी तेजी से होगा बड़ी इंडस्ट्री उतनी तेजी से यूपी की ओर आकर्षित होंगी और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
उन्होंने बैंकों को मध्यांचल, पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्रों में क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो अनुपात को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी चार महीने के भीतर सीडी रेशियो को 40 प्रतिशत से 60 प्रतिशत बढ़ाने की जरुरत है। इसी के साथ ही आकांक्षी जिलों, ब्लाकों और नगरों पर फोकस करने की जरुरत है। फसल बीमा सहित अन्य बीमा योजनाओं में पीछे चल रहे जनपदों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिये। शत-प्रतिशत किसानों को केसीसी योजना से आच्छादित किया जाए। इसके अलावा अधिक से अधिक लोगों ऋण योजनाओं से लाभान्वित कराने के लिए जनपदों में लोन मेला लगाया जाए।
बैठक में बताया गया कि सितंबर 2022 तिमाही के दौरान प्रदेश का कुल जमा 14 लाख 31 हजार करोड़ रुपए रहा है, जो सितंबर 2021 (13 लाख 13 हजार करोड़ रुपए) की तुलना में 1 लाख 18 हजार करोड़ रुपए अधिक है। साथ ही सितंबर 2022 में कुल अग्रिम 7 लाख 51 हजार करोड़ रुपए रहा है जिसमें सितंबर 2021 (6,66,897 करोड़ रुपए) के स्तर से 84,449 करोड़ रुपए वृद्धि दर्ज की गई है। इस प्रकार प्रदेश कुल बैंकिंग व्यवसाय में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 62,166 करोड़ रुपए की वृद्धि दर्ज करते हुए प्रदेश का कुल व्यवसाय 21 लाख 90 हजार करोड़ रुपए के स्तर पर पहुँच गया है।
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यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत प्रदेश में अभी तक 8.42 करोड़ खाते खोले जा चुके हैं, जिसमें से वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान कुल 49 लाख जन धन खाते खोले गये है। सामाजिक सुरक्षा योजना यथा पीएमजेजेबीवाई (131 लाख) और पीएमएसबीवाई (415 लाख) के तहत कुल 546 लाख नामांकन किए गए हैं। अटल पेंशन योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 11.53 लाख नामांकन करते हुए अभी तक कुल 71.65 लाख नामांकन किये जा चुके है। सितंबर 2022 को समाप्त तिमाही में प्रदेश का ऋण जमा अनुपात 53.07 प्रतिशत रहा है जो मार्च 2022 के स्तर 52.38 से 0.69 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है।
यह भी बताया कि प्रदेश में कार्यरत समस्त बैंको द्वारा ऋण जमा अनुपात बढ़ाये जाने के लिए समग्र रूप से कार्ययोजना बनाते हुए प्रयास किये जा रहे है। प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान, बैंकिंग आउटलेट में कुल 18,096 (10034 बैंक मित्र, 7664 बैंक सखी और 207 एटीएम) में बढ़ोतरी हुई हैं। चालू वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक ऋण योजनांतर्गत आवंटित लक्ष्य 2,94,988 करोड़ रुपए के सापेक्ष सितंबर, 2022 को समाप्त तिमाही तक 1,42,537 करोड़ का ऋण वितरण करते हुए 48 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की गयी है। प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर के अंतर्गत कुल आवंटित लक्ष्य 78,360 करोड़ रुपए के सापेक्ष 71,409 करोड़ रुपए का ऋण वितरण करते हुए 91 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की गयी है।
साथ ही कृषि क्षेत्र के अंतर्गत कुल 66,786 करोड़ रुपए का ऋण वितरण किया गया है। पीएम स्वनिधि योजनान्तर्गत हमारे प्रदेश में कुल प्राप्त आवेदन पत्रों (10.33 लाख) के सापेक्ष 9.88 लाख आवेदन पत्र स्वीकृत और 9.56 लाख आवेदन पत्रों में वितरण की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। सरकार प्रायोजित विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना आदि में हमारे प्रदेश ने विगत वर्षों में लक्ष्यों के सापेक्ष शत प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजनांतर्गत सितंबर, 2022 को समाप्त तिमाही तक प्रदेश में 29 लाख से अधिक लाभार्थियों को 19,245 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत कर वितरण की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना में गत 5 वर्षों से लगातार लक्ष्यों को पूर्णतयः प्राप्त किया जा रहा है। बैठक में सचिव नियोजन आलोक कुमार, सचिव कृषि अनुराग यादव, बैंक ऑफ बड़ौदा के जी.एम बृजेश कुमार सिंह, नाबार्ड के सीजीएम एस. के. डोरा सहित सम्बन्धित विभागों और बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी आदि उपस्थित थे।
