

पंजाब से बिहार पहुंचाई जा रही थी अवैध शराब की खेप
फर्जी ई-वे बिल और बिल्टी के सहारे चल रहा था तस्करी का खेल
खोराबार में तड़के 4:30 बजे STF ने की कार्रवाई
Liquor Crates In Truck: बाहर से देखने पर ट्रक किसी सामान्य डाक पार्सल वाहन जैसा नजर आ रहा था, लेकिन उसके भीतर शराब की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई थी। पंजाब से बिहार तक फैले अवैध शराब तस्करी के इस खेल का गोरखपुर में STF ने पर्दाफाश किया है। खोराबार क्षेत्र में हाईवे के पास घेराबंदी कर टीम ने ट्रक से 323 पेटी अवैध शराब बरामद की। मौके से राजस्थान निवासी चालक को गिरफ्तार किया गया है। तस्करी में इस्तेमाल ट्रक, मोबाइल फोन और कथित फर्जी दस्तावेज भी कब्जे में लिए गए हैं।
STF के मुताबिक, दो नवंबर 2026 को सूचना मिली कि खोराबार थाना क्षेत्र में गणेश ढाबा और पेट्रोल पंप के पास खड़े ट्रक में अवैध शराब की खेप ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही विशेष कार्य बल (STF) फील्ड इकाई गोरखपुर की टीम सक्रिय हुई और सुबह करीब 4:30 बजे बताए गए स्थान पर पहुंचकर ट्रक की तलाशी ली। ट्रक संख्या BR01GC2369 से शराब की बड़ी खेप मिलने पर चालक को हिरासत में ले लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजस्थान के बाड़मेर जिले के कमठाई गोदारो की ढाणी निवासी थानाराम पुत्र चुतरा राम के रूप में हुई है।
तलाशी के दौरान ट्रक से पार्टी स्पेशल व्हिस्की की 264 पेटियां और स्टार गोल्ड व्हिस्की की 59 पेटियां बरामद हुईं। कुल 323 पेटियों के अलावा दो कथित कूटरचित बिल्टी और एक मोबाइल फोन भी मिला।
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि शराब पंजाब के अंबाला स्थित ताजपुरा से लोड की गई थी और इसे बिहार पहुंचाना था। वहां अनिल नाम का व्यक्ति आगे की लोकेशन बताता। इस काम के बदले उसे खर्च के अतिरिक्त 10 हजार रुपये मिलते थे। STF के अनुसार, जिरकपुर से भागलपुर तक का कथित फर्जी ई-वे बिल तैयार किया गया था। पहचान से बचने के लिए ट्रक पर डाक पार्सल लिखा गया था।
मामले में खोराबार थाने में मुकदमा संख्या 526/2026 के तहत BNS की विभिन्न धाराओं और आबकारी अधिनियम की धारा 60/72 में केस दर्ज किया गया है। STF अब शराब तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
रिपोर्ट: अनुराग मिश्रा