Gorakhpur: सीएम योगी ने 9.18 लाख किसानों के खातों में भेजे 493 करोड़ रुपये, फसल नुकसान पर डीबीटी से मिली राहत

Yogi Adityanath Flood Relief: गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से प्रभावित 9,18,091 किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 493 करोड़ रुपये भेजे।
CM Yogi Adityanath Transfers ₹493 Crore to Over 9.18 Lakh Farmers Affected Natural Disasters in UP
सीएम योगी आदित्यनाथ (सोर्स- नवभारत लाइव)
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Highlights

  • सपा सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साधा निशाना

  • अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात प्रभावितों को दी सहायता राशि

  • जनहानि पर 24 घंटे में 4 लाख रुपये की सहायता का दावा

  • यूपी सरकार की उपलब्धियों का किया बखान

UP Flood Relief Compensation For Farmers: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि एवं चक्रवात से प्रभावित कृषकों को कृषि निवेश अनुदान राशि के रूप में डीबीटी के माध्यम से 493 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक सप्ताह में प्रदेश में बड़े पैमाने पर फसल को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर जनहानि और पशुहानि भी हुई है। डबल इंजन की सरकार ने मात्र 8 से 10 दिन के अंदर अपने अन्नदाता किसानों को फसल, मकान और पशुधन की क्षति का मुआवजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने 2017 के पहले की सपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि तब बिजली नहीं आती थी, लेकिन बिल आता था। अब स्थिति बदल गई है। अब अन्नदाता किसान का बिल नहीं आता, बल्कि बिजली आती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के 9,18,091 कृषकों के खातों में 493 करोड़ रुपये सीधे भेजे जा रहे हैं। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अन्नदाता किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए सरकार के प्रयासों का हिस्सा है। इस वर्ष केवल बरसात के दौरान ही अब तक प्रदेश के आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को लगभग 1,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

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मुख्यमंत्री आवास योजना से तत्काल आवास

सीएम ने कहा कि अतिवृष्टि, चक्रवात और बाढ़ से जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1.20 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई गई है। यह राशि 493 करोड़ रुपये की फसल क्षति सहायता में शामिल नहीं है, बल्कि अलग से दी जा रही है। जिन लोगों के मकान पूरी तरह बह गए या नष्ट हो गए, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत तत्काल आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है। पशुहानि के मामलों में भी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। कोई जनहानि होती है तो संबंधित परिवार को 24 घंटे के अंदर चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर सीधे खाते में पहुंचा पैसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर जिन जनपदों की सर्वे रिपोर्ट सरकार को मिली, वहां किसानों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई है। यह राशि सीधे अन्नदाता किसान के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से पहुंच रही है। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि सहायता राशि में कोई बिचौलिया न हो और पैसा सीधे किसान तक पहुंचे। अगर किसान को 25 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत हुई, तो सीधे उसके खाते में पूरे 25 हजार रुपये ही जाएंगे।

कभी 100 में से 15 रुपये ही पहुंचते थे जरूरतमंद तक

सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय राजीव गांधी ने स्वयं कहा था कि सरकार 100 रुपये भेजती है, लेकिन जमीन पर पहुंचते-पहुंचते केवल 15 रुपये बचते हैं। कांग्रेस व सपा के लोग बीच में ही पैसा खा जाते थे। अब प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री द्वारा दी जाने वाली सहायता सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचती है। बीच में कोई बिचौलिया सेंधमारी नहीं कर सकता। आज 493 करोड़ रुपये अन्नदाता किसानों को मुआवजे के रूप में दिए जा रहे हैं, ताकि उन्हें संकट की घड़ी में राहत मिल सके। सरकार किसानों के साथ हमेशा खड़ी है और हर प्रकार का सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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केंद्रीय सहायता के किसानों को मिले सिर्फ 800 करोड़

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में हुदहुद चक्रवात के दौरान फसल को भारी नुकसान हुआ था। भारत सरकार ने उस समय 3,200 करोड़ रुपये भेजे थे, लेकिन किसानों तक केवल 800 करोड़ रुपये ही पहुंच पाए। शेष राशि किसानों तक नहीं पहुंची। 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने हुदहुद चक्रवात में किसानों को मिली सहायता की स्थिति की जांच कराई तो पता चला कि पूरा पैसा किसानों तक पहुंचा ही नहीं था। इसके बाद अलग से धनराशि की व्यवस्था कर प्रभावित किसानों को सहायता उपलब्ध कराई गई। सपा ने किसानों का पैसा खाया, किसानों का श्राप उसको ले डूबा। विपक्ष समाज को जाति के नाम पर बांटने का प्रयास करता है, लेकिन जनता का पैसा नहीं बांटता।

बाढ़ से कटान रोकने के लिए पर्याप्त धन

सीएम ने प्रशासन को निर्देश दिया कि जहां बाढ़ के कारण कटान हुई है और जहां अब भी अतिवृष्टि की शिकायतें आ रही हैं, वहां तत्काल राहत और बचाव कार्य किए जाएं। बाढ़ से बचाव के लिए तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त मार्गों और बाधित आवागमन को तत्काल चालू किया जाए। इसके लिए धनराशि जारी की जा चुकी है। आपदा, अतिवृष्टि या चक्रवात के कारण सड़क अथवा अन्य किसी प्रकार की क्षति होने पर धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सिंचाई विभाग को कटान रोकने के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराया गया है। पीडब्ल्यूडी, नगर विकास, आवास और विकास प्राधिकरणों को भी क्षतिग्रस्त सड़कों और अन्य मरम्मत के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। जैसे ही मौसम साफ हो, तत्काल काम शुरू कराया जाए और आवागमन में किसी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए।

आकाशीय बिजली से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आपदा से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग वेदर सिस्टम विकसित करने पर भी काम किया है। पहले आकाशीय बिजली गिरने से बड़ी संख्या में जनहानि होती थी। अब कई जनपदों में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए गए हैं, जो संभावित आकाशीय बिजली की जानकारी पहले ही उपलब्ध कराते हैं। एसएमएस और मोबाइल फोन के माध्यम से लोगों को अलर्ट भेजा जाता है। लोगों को खुले आसमान या पेड़ के नीचे नहीं रहने और पक्के भवन में जाने की सलाह दी जाती है। इससे बड़े पैमाने पर जनहानि रोकने में मदद मिली है।

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इसके साथ ही रेन गेज लगाए जा रहे हैं, ताकि वर्षा की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके और उसके आधार पर तत्काल राहत पहुंचाई जा सके। दुर्भाग्य से कोई किसान, बटाईदार अथवा किसान या बटाईदार के परिवार का सदस्य आकाशीय बिजली जैसी प्राकृतिक आपदा की चपेट में आता है, तो मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत संबंधित परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। अधिकारियों को इसे तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

पहले भी 1.29 लाख किसानों को मिली सहायता

सीएम योगी ने बताया कि वर्तमान सहायता राशि से पहले भी बाढ़, चक्रवात और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए 169 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। 1,29,326 किसानों को फसल क्षति के लिए 78 करोड़ 75 हजार रुपये पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं। जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में भी 225 करोड़ 93 लाख रुपये की सहायता पहले वितरित की जा चुकी है।

आज कई किसानों को सहायता राशि के डमी चेक प्रदान किए गए हैं, जबकि वास्तविक धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। 2017 से पहले सपा सरकार के समय किसानों को मुआवजा मिलना ही मुश्किल था और यदि मिलता भी था तो दो रुपये, चार रुपये या 15 रुपये जैसी राशि मिलती थी। अब किसानों के हित में काम करने वाली सरकार है, जिसके एजेंडे में अन्नदाता किसान, युवा, महिलाएं और गरीब हैं। संकट की हर घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है।

86 लाख किसानों की कर्जमाफी से शुरू हुई यात्रा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद अन्नदाता किसानों के हित में बड़े फैसले लिए गए। सरकार ने आते ही लघु और सीमांत किसानों की कर्जमाफी के तहत 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया। प्रदेश में 16 लाख निजी ट्यूबवेलों की बिजली मुफ्त की गई है। सरकारी ट्यूबवेल से पहले से ही मुफ्त सिंचाई उपलब्ध थी। इसके अलावा नहरों का जाल बिछाया गया है और प्रदेश में 22 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। नए ट्यूबवेल लगाए जा रहे हैं और सिंचाई की अन्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।

अतिवृष्टि प्रभावित जिलों में मोटे अनाज के क्रय केंद्र

सीएम ने कहा कि जहां बारिश नहीं हुई है, वहां धान खरीद के क्रय केंद्र शुरू हो रहे हैं। जिन जनपदों में अतिवृष्टि के कारण बड़े पैमाने पर जलभराव हुआ है, वहां 15 अक्टूबर से धान के साथ ज्वार, बाजरा और मक्का जैसे मोटे अनाज के क्रय केंद्र शुरू किए जाएंगे। किसानों को अच्छा दाम दिया जाएगा और मंडी तथा क्रय केंद्रों पर किसान अपनी उपज उपलब्ध करा सकते हैं। सरकार ने खरीद के लिए कोई सीमा तय नहीं की है। किसान जितना धान लेकर आएगा, क्रय केंद्र उसकी खरीद करेंगे।

किसानों के लिए कोई टारगेट या रोक-टोक नहीं होगी। जहां अच्छा दाम मिलेगा, किसान वहां अपनी उपज बेच सकता है। यदि कोई नहीं खरीदेगा तो सरकार खरीदेगी और भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे किसान के खाते में भेजा जाएगा। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो देश खुशहाल होगा। अन्नदाता किसान समृद्ध होगा तो देश भी समृद्ध होगा। इसी भावना के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर अन्नदाता किसानों का सम्मान किया है।

इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला, महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, श्रीराम चौहान, फतेह बहादुर सिंह, प्रदीप शुक्ला, डॉ विमलेश पासवान, महेंद्र पाल सिंह, श्रवण कुमार निषाद और राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष चारु चौधरी समेत गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

मंच पर इन्हें मिला सहायता धनराशि का चेक

रेशमा देवी - 1,20,000 रुपये

चंदन कुमार पासवान - 1,20,000 रुपये

इंद्रावती देवी - 1,20,000 रुपये

सविता देवी - 1,20,000 रुपये

छुन्नी देवी - 1,20,000 रुपये

सीमा देवी - 1,20,000 रुपये

बिरैची - 25,670 रुपये

बेचन प्रसाद - 22,951 रुपये

जोखन - 22,841 रुपये

संपत - 22,372 रुपये

परमहंस-— 22,219 रुपये

चंद्रप्रकाश द्विवेदी - 11,811 रुपये

धरणीधर - 11,808 रुपये

गिरजापति त्रिपाठी - 34,000 रुपये

कमलेश - 26,520 रुपये

राम दरश - 27,914 रुपये

जनार्दन प्रसाद - 24,000+ रुपये

राणा प्रताप सिंह - 22,355 रुपये

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