Ravi Yadav Murder: अखिलेश यादव की बुराई करने पर जड़ा था थप्पड़, हत्या के बाद गुस्साई भीड़ आरोपियों को जिंदा जलाना…
उत्तर प्रदेश में कानपुर के सजेती थाना क्षेत्र के घनामतिरामपुर दौतलपुर गांव में बीते 2 दिन पहले गैंगस्टर रवि यादव की गोली मार कर हत्या कर दी गई। इसके बाद से ही गांव में तनावपूर्व माहौल बना हुआ है।
- Written By: Saurabh Pal
रवि यादव, मौके पर जुटी भीड़, पुलिस (फोटो- सोशल मीडिया)
कानपुरः उत्तर प्रदेश में कानपुर के सजेती थाना क्षेत्र के घनामतिरामपुर दौतलपुर गांव में बीते 2 दिन पहले गैंगस्टर रवि यादव की गोली मार कर हत्या कर दी गई। इसके बाद से ही गांव में तनावपूर्व माहौल बना हुआ है। मामले में मृतक के परिवार के लोगों ने गांव के ही शुभम त्रिपाठी, नमन गुप्ता, मयंक त्रिपाठी और अखिलेश सिंह चंदेल उर्फ सोनू, छोटू गुप्ता के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करवाया है।
FIR दर्ज करने के बाद एक्शन में आई पुलिस ने शुभम नमन और मयंक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं हत्या कांड के बाद आरोपियों ने शव अपने घर में छिपाने की कोशिश की थी। यादव बाहुल्य गांव होने की वजह से सैकड़ों लोगों ने घर को घेर लिया।
इस दौरान हत्या के बाद शव छिपाने के प्रयास से भीड़ में काफी आक्रोश था। आरोपियों को भीड़ ने खींचकर मारने और जिंदा जलाने की कोशिश की। हालाकि समय रहते पुलिस पहुंच गई। इसके बाद 5 घंटे की मशक्कत के बाद शव को पुलिस ने घर से बाहर निकाला।
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‘रवि यादव ने मांगी थी रंगदारी’
गैंगस्टर रवि यादव की हत्या के पीछे एक सियासी कारण भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि हत्या के तीन-चार दिन पहले ही गांव में सपा और पीडीए की बैठक चल रही थी। इसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव की बुराई करने पर रवि यादव ने मधुराम को थप्पड़ मारा था। इसके अलावा नमन गुप्ता से रवि ने 50 हजार की रंगदारी मांगी थी व गांव में दबंगई दिखाता था। इन्हीं सब रंजिश में उसने रवि की हत्या की पूरी स्क्रिप्ट तैयार की गई। दिनदहाड़े उसकी कनपटी पर गोली मारकर हत्या कर दी।
15 थानों के पुलिस पहुंची गांव
इसके बाद हत्यारोपियों ने लाश सड़क से खींचकर घर ले गए। उसकी गर्दन पर पैर रखा। मामला बढ़ने पर 15 थानों की पुलिस और पीएसी पहुंची। शव को बाहर निकाला। पोस्टमॉर्टम के बाद कड़ी सुरक्षा में सुबह अंतिम संस्कार कराया गया।
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एक थप्पड़ का बदला गैंगस्टर की हत्या करके लिया
वहीं मृतक रवि के पिता देव नारायण यादव का कहना है कि गांव में 3-4 दिन पहले सपा और पीडीए की बैठक हुई थी। इसमें मेरा बेटा रवि और हत्यारोपित मधुराम त्रिपाठी व उसके भाई मौजूद थे। ये सभी लोग सपा और अखिलेश यादव के बारे में उल्टा-सीधा बोल रहे थे। जिसका रवि ने विरोध किया। इस दौरान रवि मधुराम को थप्पड़ मार दिया। इसको लेकर दोनो पक्षों में रंजिश थी। मृतक के पिता ने बताया कि इसी वजह से इन लोगों ने हत्या की प्लानिंग की। रवि बाइक से जा रहा था, तभी इन लोगों ने गुटखा खिलाने के बहाने बुलाया। उसके रुकते ही दो लोग आए और पीछे से गोली मारी दी। लाश को घर में खींचकर ले गए। उसे जिंदा समझकर उसकी गर्दन पर पैर रखकर कुचलकर मार डाला।
