BJP के पूर्व उपाध्यक्ष बलबीर पुंज का निधन, माने जाते थे लालकृष्ण आडवाणी के करीबी

Balbir Punj Passes Away: पूर्व राज्यसभा सांसद, लेखक और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलबीर पुंज का शनिवार शाम नोएडा के मेट्रो अस्पताल में निधन हो गया। उन्हें शुक्रवार को भर्ती कराया गया था।
Balbir Punj
BJP के पूर्व उपाध्यक्ष बलबीर पुंज (Image- Social Media)
Published on: 
Updated on: 

Balbir Punj: लेखक, पूर्व राज्यसभा सांसद और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलबीर पुंज का शनिवार शाम लगभग साढ़े सात बजे नोएडा के मेट्रो अस्पताल में निधन हो गया। उन्हें शुक्रवार को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शनिवार शाम उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ समेत बीजेपी के कई नेताओं ने शोक जताया।

बलबीर पुंज नोएडा के सेक्टर-17 में रहते थे। उनकी एक बेटी विदेश में और दूसरी दिल्ली में निवास करती है। वे वर्ष 2000 से 2006 तक उत्तर प्रदेश और 2008 से 2014 तक ओडिशा से भाजपा के राज्यसभा सांसद रहे। इसके अलावा, उन्होंने पार्टी में राष्ट्रीय मंत्री और अखिल भारतीय उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया।

पीएम मोदी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बलबीर पुंज के निधन पर शोक जताया है। सोशल मीडिया हैंडल X पर पीएम मोदी ने लिखा प्रखर लेखक, विचारक और बुद्धिजीवी पुंज ने बीजेपी को मजबूत करने के लिए अथक काम किया। उनके लेख व्यापक रूप से पढ़े जाते थे और राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के प्रति उनका गहरा जुनून झलकता था।

कई राज्यों के प्रभारी रहे

पुंज कई राज्यों के प्रभारी भी रह चुके थे। पार्टी ने उन्हें केरल, पंजाब, गुजरात और हिमाचल प्रदेश जैसे अहम राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी थी। वे राष्ट्रीय राजनीति और आर्थिक मुद्दों पर विभिन्न प्रमुख समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में स्वतंत्र रूप से लेखन करते थे। उनके छोटे भाई नोएडा के सेक्टर-47 में रहते हैं, जहां उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए ले जाया जाएगा।

आडवाणी के थे करीबी

लाल कृष्ण आडवाणी के करीबी माने जाने वाले बलबीर पुंज का अंतिम संस्कार रविवार दोपहर साढ़े 12 बजे दिल्ली के निगमबोध घाट पर किया जाएगा। वे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं के दक्ष लेखक थे और राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रमुख चेहरों में गिने जाते थे। तरुण विजय, गुरुमूर्ति, अजित डोभाल और दीनानाथ मिश्र जैसे प्रमुख व्यक्तित्वों के समकक्ष उनका स्थान माना जाता था।

करीब दो वर्ष पहले उनकी पुस्तक "नैरेटिव का मायाजाल" प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई थी। वे किसी भी विषय पर गहराई से विचार कर संतुलित और तार्किक तरीके से अपनी बात रखते थे। सिख समाज पर एक विस्तृत पुस्तक लिखने की उनकी योजना भी थी, साथ ही उनके लेखों के संकलन को विषयवार प्रकाशित करने की तैयारी चल रही थी। शनिवार शाम उनके निधन के साथ एक महत्वपूर्ण वैचारिक आवाज़ खामोश हो गई।