प्रेमानंद महाराज और उनका अपार्टमेंट।
Premanand Maharaj News: उत्तर प्रदेश के मथुरा में प्रेमानंद महाराज के फ्लैट में आग लग गई है। इस घटना से सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई है। प्रेमानंद महाराज का गोविंदा एचआर अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 212 है। आगजनी में सामान जल गया है। फिलहाल प्रेमानंद सुरक्षित हैं। वह घटना के समय रमणरेती स्थित श्रीराधा केलि कुंज आश्रम में थे।
श्रीकृष्ण शरणम सोसायटी में प्रेमानंद महाराज का फ्लैट है। आग लगने की सूचना पर मौके पर पुलिस की टीम पहुंची। इसके साथ में फायर बिग्रेड की दो गाड़ी भी पहुंच गईं। मशक्क्त के बाद आग की लपटों पर काबू पा लिया गया, लेकिन बताया जा रहा कि आग की इस घटना में प्रेमानंद के फ्लैट में रखा सामान जलकर नष्ट हो गया।
प्रेमानंद महाराज एक माह से अपने फ्लैट में नहीं रहकर रमणरेती स्थित श्रीराधा केलि कुंज आश्रम में रह रहे हैं। वह आश्रम से अपने फ्लैट पर कभी-कभी जाते हैं। घटना के समय वह आश्रम में ही थे। प्रेमानंद महाराज के फ्लैट में उनके स्वास्थ्य की विशेष देखभाल के लिए आईसीयू जैसी व्यवस्था है। प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनी फेल हो चुकी हैं। उन्हें सप्ताह में कई बार डायलिसिस की जरूरत होती है। विस्तृत ब्योरा आने पर ही पता चल पाएगा कि इस आग से स्वास्थ्य सुविधाएं कितनी प्रभावित हुई हैं।
यह भी पढ़ें: किसी को भी अपना मत बनाओ, श्री प्रेमानंद जी महाराज का अमूल्य उपदेश, जो तोड़ता है अहंकार की जंजीर
प्रेमानंद महाराज पहले अनिरुद्ध कुमार पांडेय के रूप में जाने जाते थे। जब उन्होंने कृष्ण और राधा की भक्ति में अपना जीवन लगाया तो लोग उन्हें प्रेमानंद महाराज के नाम से जानने लगे। प्रेमानंद महाराज का असली नाम काफी कम लोग जानते हैं। इको बचपन से ही पूजा-पाठ में रुचि थी। गीता का पाठ करते और भगवान की भक्ति में डूब जाते थे। इसके बाद उन्होंने संन्यास की तरफ रुख किया और बिना किसी को बताए घर से निकल गए। यहां से अनिरुद्ध वाराणसी पहुंचे। वहां कई संतों के साथ मिलकर पूजा और ध्यान करने लगे। अनिरुद्ध के मन में एक दिन विचार आया कि वो एक बार वृंदावन जरूर जाएंगे। इससे ठीक पहले उन्होंने रासलीला देखी और यहीं से उनका जीवन बदलने लगा। पहली बार उनके मन में राधा-कृष्ण की भक्ति जागी और वो वृंदावन पहुंच गए।