UP पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आगरा से 38 लोगों को वापस बांग्लादेश भेजा गया, जानें पूरा मामला
Agra में अवैध रूप से रह रहे अड़तीस बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेज दिया गया है। उन्हें तीन साल पहले एक ऑपरेशन में पुलिस ने पकड़ा था, और बाद में कोर्ट ने उन्हें तीन साल जेल की सजा सुनाई थी।
- Written By: सौरभ शर्मा
आगरा से 38 लोगों को वापस बांग्लादेश भेजा गया (फोटो- सोशल मीडिया)
UP Police Deportation Bangladeshi Nationals: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस प्रशासन ने अवैध रूप से रह रहे 38 बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेज दिया है। यह कार्रवाई पुलिस के एक पुराने अभियान का नतीजा है, जिसके तहत तीन साल पहले इन लोगों को पकड़ा गया था। बिना किसी वैध दस्तावेज के भारत में रहने के जुर्म में अदालत ने इन्हें सजा सुनाई थी। अब सजा पूरी होने पर इन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच बॉर्डर के लिए रवाना किया गया है।
शनिवार को जेल से रिहा होने के बाद इन सभी 38 नागरिकों को विशेष वाहनों के जरिए बांग्लादेश सीमा की ओर भेजा गया। सहायक पुलिस आयुक्त (अभिसूचना) दिनेश सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह सभी लोग आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र के सेक्टर-15 में अवैध तरीके से रह रहे थे। जांच के दौरान इनके पास भारत में रहने का कोई भी वैध दस्तावेज या कागज नहीं मिला था, जिसके बाद पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था।
बच्चे, महिलाएं और तीन साल की सजा
पुलिस अधिकारियों के आंकड़ों के मुताबिक, वापस भेजे गए इन 38 बांग्लादेशियों के समूह में 23 पुरुष, सात महिलाएं और आठ बच्चे शामिल हैं। अदालत ने विदेशी अधिनियम के तहत सुनवाई करते हुए बालिग आरोपियों को दोषी करार दिया था और उन्हें तीन साल की सजा सुनाई थी। पिछले तीन सालों से पुरुष और महिलाएं जेल में अपनी सजा काट रहे थे, जबकि बच्चों की देखरेख बाल आश्रय गृह में की जा रही थी। अब चूंकि इनकी सजा की अवधि पूरी हो चुकी है, इसलिए कानून के मुताबिक इन्हें भारत से निर्वासित करने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है।
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13 जनवरी को होगी वतन वापसी
एसीपी दिनेश सिंह ने बताया कि सजा पूरी करने और रिहाई की प्रक्रिया निपटाने के बाद शनिवार को इन सभी को पुलिस अभिरक्षा में वाहनों से बांग्लादेश बॉर्डर तक भेजा गया है। आगरा से रवानगी हो चुकी है और अब इन्हें सीमा पर ले जाया जा रहा है। प्रशासन की योजना के अनुसार, आगामी 13 जनवरी को इन सभी नागरिकों को सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ के सुपुर्द कर दिया जाएगा। इसके बाद बीएसएफ की मदद से इन्हें आधिकारिक तौर पर बांग्लादेशी अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा, जिससे ये अपने वतन वापस लौट सकेंगे।
