कानपुर में हेयर ट्रांसप्लांट मामले में आरोपी डॉक्टर का सरेंडर (फोटो- सोशल मीडिया)
लखनऊ: कानपुर में हेयर ट्रांसप्लांट के बाद दो इंजीनियरों की रहस्यमयी मौत के मामले ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी। इस मामले में आरोपी डॉक्टर 18 दिन तक फरार रहने के बाद आखिरकार कोर्ट में हाजिर हो गई है। आरोपी के खिलाफ पुलिस कई शहरों में दबिश दे रही थी, लेकिन हर बार वह चकमा देती रही। आखिरकार कानूनी दबाव के बीच उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इस चौंकाने वाले मामले में एक नहीं, बल्कि दो जानें गईं और अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या कॉस्मेटिक सर्जरी के नाम पर लापरवाही का कोई बड़ा जाल खड़ा हो चुका है?
मृतकों में से एक इंजीनियर ने सोशल मीडिया पर चल रहे हेयर ट्रांसप्लांट के विज्ञापनों से प्रभावित होकर यह प्रक्रिया करवाई थी। बताया गया कि डॉक्टर की कॉल पर उन्होंने जल्दबाज़ी में यह निर्णय लिया और बिना परिवार को बताए क्लिनिक पहुंच गए। ट्रांसप्लांट के कुछ ही घंटों में हालत बिगड़ती गई और चेहरे पर सूजन आने लगी। इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन संक्रमण इतना बढ़ चुका था कि बचाया नहीं जा सका।
18 दिन बाद कोर्ट में सरेंडर
हेयर ट्रांसप्लांट के कारण दो इंजीनियरों की मौत के मामले में नामजद आरोपी डॉक्टर आखिरकार 18 दिन की फरारी के बाद कोर्ट में पेश हो गई। पुलिस उसे लगातार दिल्ली, हरियाणा और यूपी के कई शहरों में ढूंढ रही थी। लोकेशन मिलने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसी बीच उसने वकील के जरिए कोर्ट में सरेंडर किया। पहले उसने अग्रिम जमानत की याचिका दी थी, लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते उसे आत्मसमर्पण करना पड़ा।
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एक के बाद एक दो मौतें
पहला मामला सामने आया पनकी पावर हाउस के इंजीनियर की मौत का, जिनका हेयर ट्रांसप्लांट 13 मार्च को हुआ था और दो दिन बाद 15 मार्च को उनका निधन हो गया। परिवार ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने खुद फोन कर तबीयत खराब होने की जानकारी दी, लेकिन पहचान छिपाई। दूसरा मामला फर्रुखाबाद के इंजीनियर की मौत का है, जिनका ट्रांसप्लांट 18 नवंबर को हुआ और अगले ही दिन उनकी भी मौत हो गई। डॉक्टर का दावा है कि सर्जरी किसी और ने की थी और उन्होंने सिर्फ दवाएं दी थीं।