अब और बर्दाश्त नहीं होता...पत्नी को फोन कर फफक पड़े डिप्टी GST कमिश्नर, CM योगी के लिए छोड़ दी कुर्सी- VIDEO

Uttar Pradesh News: अयोध्या में तैनात राज्य टैक्स डिपार्टमेंट के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में लिया है।
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प्रशांत कुमार सिंह (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Deputy GST Commissioner Resignation: बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश में एक और सीनियर अधिकारी के इस्तीफे से प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। मंगलवार को अयोध्या में तैनात राज्य टैक्स डिपार्टमेंट के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में लिया।

इस्तीफा देने के बाद जब उन्होंने अपनी पत्नी को फोन किया तो वह खुद को संभाल नहीं पाए। बातचीत के दौरान उनकी आवाज़ भावनाओं से भर गई और वह रो पड़े। वह अपनी पत्नी से बस इतना ही कह पाए, "हां, हेलो... मैंने इस्तीफा दे दिया है। मैं अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता।" उनके रोने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।

और क्या कुछ बोले प्रशांत कुमार सिंह?

अपनी पत्नी से बातचीत में प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि वह दो रातों से ठीक से सो नहीं पाए थे। वह बहुत परेशान थे। उन्होंने कहा कि जिसका नमक खाते हैं, उसके प्रति वफादार रहना चाहिए। मुझे जिस राज्य से सैलरी मिलती है और मैं जिस सरकार के तहत काम करता हूं। अगर उस लीडरशिप के खिलाफ अपमानजनक बातें कही जाएं और मैं चुप रहूं, तो यह मेरे लिए मुमकिन नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी दो बेटियां हैं और वह चाहते हैं कि उनके बच्चे देखें कि उनके पिता सही और गलत के लिए खड़े होने से डरे नहीं। यह फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया, बल्कि लंबे समय तक सोचने-समझने के बाद लिया गया।

राज्यपाल को भेजे इस्तीफे में क्या लिखा?

प्रशांत कुमार सिंह ने अपना इस्तीफा उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को भेजा है। इस दो पन्नों के पत्र में उन्होंने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई है। पत्र में उन्होंने इन बयानों को अभद्र, अशोभनीय और बकवास बताया है। उनका कहना है कि ऐसी टिप्पणियां न केवल किसी खास व्यक्ति पर हमला हैं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे, संविधान और लोगों के जनादेश पर सीधा हमला हैं।

इस्तीफे में प्रशांत कुमार सिंह ने लिखा कि एक सरकारी अधिकारी के तौर पर उनका राज्य के प्रति भी कर्तव्य है। उनके अनुसार, यह कर्तव्य सिर्फ फाइलों को प्रोसेस करने या रेवेन्यू इकट्ठा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस सिस्टम और लीडरशिप के सम्मान की रक्षा करना भी है जिसके तहत वह काम करते हैं। उन्होंने लिखा कि लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के खिलाफ सार्वजनिक मंचों से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल समाज में भ्रम, दुश्मनी और अस्थिरता पैदा करता है।

शंकराचार्य पर लगाया ये गंभीर आरोप

त्यागपत्र में प्रशांत कुमार सिंह ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर समाज में जातिवाद का ज़हर फैलाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि सदियों के दुख और संघर्ष के बाद देश ने अपने संविधान के ज़रिए बराबरी और न्याय का रास्ता चुना। इसलिए किसी भी जिम्मेदार धार्मिक या सामाजिक व्यक्ति द्वारा बांटने वाली भाषा का इस्तेमाल बहुत ही दुखद है। अपने लेटर के आखिर में प्रशांत कुमार सिंह ने यह भी साफ किया कि जब तक उनका इस्तीफ़ा औपचारिक रूप से मंजूर नहीं हो जाता, तब तक वह पूरी लगन से अपने पद की सभी जिम्मेदारियों को निभाते रहेंगे।

बता दिया इस्तीफे के बाद का प्लान

प्रशांत कुमार सिंह की साल 2023 में अयोध्या में पोस्टिंग हुई थी। वर्तमान में वह राज्य टैक्स डिपार्टमेंट में डिविजनल डिप्टी कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे थे। इस्तीफा मंजूर होने के बाद उन्होंने यह भी इशारा किया है कि वह अपने निजी संसाधनों का इस्तेमाल करके समाज सेवा में योगदान देंगे और किसी न किसी रूप में समाज के लिए काम करते रहेंगे।

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