उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (सोर्स-सोशल मीडिया)
Breaking The Noida Jinx: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में लखनऊ के एक कार्यक्रम में नोएडा से जुड़े उस पुराने अंधविश्वास का जिक्र किया जिसे अक्सर अपशगुन माना जाता था। उन्होंने बताया कि कैसे उनसे कहा गया था कि वहां जाने से कुर्सी चली जाती है, लेकिन उन्होंने नोएडा के मिथक को तोड़ने को अपनी प्राथमिकता बनाया। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि वे आस्था का सम्मान करते हैं पर अंधविश्वास को बिल्कुल नहीं मानते और जनता के हित के लिए काम करते रहेंगे। उनके इस साहसी निर्णय के बाद न केवल नोएडा का विकास हुआ बल्कि लाखों परिवारों के घर का सपना भी सच हो पाया है।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पूर्ववर्ती मुख्यमंत्रियों में नोएडा जाने का साहस नहीं था क्योंकि वे अपनी कुर्सी खोने से डरते थे। उन्होंने कहा कि अगर जनता की सेवा करते हुए कुर्सी जाती है तो उन्हें उसका कोई मोह नहीं है और वे वहां जरूर जाएंगे। इस सोच के साथ उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में कई बार नोएडा का दौरा किया और दोबारा भारी बहुमत से चुनाव जीतकर लौटे।
मुख्यमंत्री ने जब नोएडा की फाइलों को देखा तो पाया कि करीब 4 लाख खरीदार और बिल्डरों के बीच विवाद के मामले सालों से लटके हुए थे। लोग अपनी जीवनभर की गाढ़ी कमाई बिल्डरों को दे चुके थे और बदले में उन्हें केवल खंडहर हो चुकी इमारतें और बैंकों का भारी कर्ज मिला था। योगी ने अधिकारियों और बिल्डरों के साथ बैठकें कीं और सख्त हिदायत दी कि खरीदारों को उनके घर हर हाल में मिलने चाहिए।
शुरुआत में नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों ने बताया कि उन पर क्रमशः 6 हजार करोड़ और 3 हजार करोड़ का भारी कर्ज बकाया है। सीएम योगी ने इसे प्रशासनिक विफलता माना और सुधारों के जरिए भ्रष्ट तत्वों को विभाग से बाहर निकालकर पारदर्शी नीतियां लागू करने का आदेश दिया। आज परिणाम यह है कि जो अथॉरिटी कर्ज में डूबी थी, वह अब 6 हजार करोड़ रुपये के बड़े सरप्लस यानी मुनाफे में काम कर रही है।
सीएम योगी ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वे लोग विकास के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा बनकर खड़े रहते थे। उन्होंने कहा कि जो लोग मुख्यमंत्री रहते हुए नोएडा जाने से डरते थे, वे आज अपनी विभाजनकारी राजनीति चमकाने के लिए वहां बार-बार पहुंच रहे हैं। योगी के अनुसार उन लोगों ने कभी प्रदेश के बुनियादी ढांचे और निवेश पर ध्यान नहीं दिया बल्कि केवल अपनी कुर्सी बचाने में लगे रहे।
आज नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के तोहफे के साथ दुनिया के सबसे बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के गंतव्य के रूप में उभरकर सामने आया है। योगी सरकार की नीतियों के कारण ही आज वहां जेवर एयरपोर्ट, मेट्रो और एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया जा रहा है जिससे रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि नोएडा अब किसी अंधविश्वास के लिए नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की नई प्रगतिशील पहचान के लिए जाना जाता है।
योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि वे ईश्वर और धर्म में पूरी आस्था रखते हैं लेकिन मनगढ़ंत मान्यताओं को शासन के आड़े नहीं आने देते। उनका मानना है कि शासन की जिम्मेदारी लोगों की समस्याओं को सुलझाना है न कि किसी काल्पनिक डर के कारण विकास कार्यों को बीच में ही रोक देना। इसी सिद्धांत पर चलते हुए उन्होंने नोएडा की जनता के साथ खड़े होने का फैसला किया और वहां की समस्याओं का समाधान निकाला।
जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिल्डरों के साथ सीधी बातचीत की तो उन्होंने भी पिछली सरकारों द्वारा किए गए शोषण और अपनी आर्थिक असमर्थता का रोना रोया था। योगी ने स्पष्ट किया कि चाहे स्थितियां जो भी हों, गरीब जनता का पैसा डूबने नहीं दिया जाएगा और बिल्डरों को अपनी जिम्मेदारी पूरी करनी होगी। सरकार ने इसके लिए विशेष पॉलिसी बनाई और रिफॉर्म किए ताकि रुके हुए प्रोजेक्ट्स को दोबारा शुरू करके समय पर पूरा किया जा सके।
यह भी पढ़ें: ‘अब रुकेगा नहीं विकास…’, जेवर एयरपोर्ट से उत्तर प्रदेश बनेगा ग्लोबल हब; सीएम योगी ने बताया पूरा प्लान
नोएडा को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का तोहफा मिलने के बाद अब इस क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है जो किसी समय पिछड़ा माना जाता था। मुख्यमंत्री के अनुसार कनेक्टिविटी मास्टरप्लान के तहत इसे नमो भारत और मेट्रो के जरिए जोड़ा जा रहा है जिससे यात्रियों को काफी सुविधा होगी। यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा और नोएडा को एक ग्लोबल हब के रूप में स्थापित करेगा।