चंद्रशेखर रावण (Image- Social Media)
UP Politics: करणी सेना के विरोध के बावजूद, नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ ने रविवार को बाराबंकी के बडेल मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस रैली का आयोजन डॉ. भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के मिशन को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया था, जिसमें हजारों की भीड़ जुटी। इस दौरान चंद्रशेखर ने मंच से तीखे बयान दिए।
इस बीच, एक संदिग्ध व्यक्ति, जो कमर में पिस्टल खोंसे हुए था, सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए मंच की ओर बढ़ने लगा। शक होने पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और कार्यकर्ताओं ने उसे पकड़ लिया। संदिग्ध ने खुद को पुलिस लाइन का सिपाही बताया, लेकिन पहचान पत्र न दिखा पाने के कारण उसे बाहर कर दिया गया।
गौरतलब है कि करणी सेना ने चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी में कदम रखने से रोकने की धमकी दी थी। इस पर चंद्रशेखर ने पलटवार करते हुए कहा, “हम ऐसी धमकियों से डरते नहीं हैं। हम चमड़ा उतारना भी जानते हैं और उसका जूता भी बना सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हम संघर्ष करने वाले लोग हैं, धमकियों से नहीं डरते। मैं तो संवैधानिक व्यक्ति हूं, लेकिन हम समय आने पर किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहते हैं। हालांकि, हम बड़े सज्जन लोग हैं, संविधान को मानने वाले लोग हैं, और किसी से डरते नहीं।”
बाराबंकी में चंद्रशेखर की सुरक्षा को लेकर पहले से ही असमंजस था, क्योंकि करणी सेना ने उन्हें धमकी दी थी। रैली के दौरान एक युवक संदिग्ध हालात में मंच की ओर बढ़ने लगा। पुलिस और कार्यकर्ताओं ने उसे रोका और तलाशी ली, तो उसकी कमर से पिस्टल बरामद हुई। इस घटना से मैदान में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन समय रहते उसे पकड़ लिया गया, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं घटी।
पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम अमित बताया और कहा कि वह पुलिस लाइन में तैनात सिपाही है और उसकी ड्यूटी वहीं लगी थी। हालांकि, पुलिस ने जब उससे पहचान पत्र मांगा, तो वह कोई वैध आईडी कार्ड नहीं दिखा सका। इसके बाद पुलिस ने उसे कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
यह भी पढ़ें- ममता के खिलाफ एक बार फिर ताल ठोकेंगे सुवेंदु? नंदीग्राम या भवानीपुर, बीजेपी का ‘मेगा प्लान’ तैयार!
इस सुरक्षा चूक के बीच, चंद्रशेखर आजाद ने मंच से विरोधियों को ललकारते हुए 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया। उन्होंने बाराबंकी की सदर सीट पर अपनी दावेदारी पेश करते हुए कहा, “नगीना की तरह अब पूरे उत्तर प्रदेश में इतिहास दोहराया जाएगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि भाईचारे के दम पर ही सत्ता परिवर्तन संभव है और आजाद समाज पार्टी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने के लिए तैयार है।