Dargah Scam: बहराइच दरगाह में करोड़ों का ‘खेल’! BJP नेता ने CM योगी से की SIT जांच की मांग; निशाने पर सपा नेता
Bahraich Dargah Scam: UP BJP अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष बासित अली ने बहराइच की दरगाह हजरत सैयद सालार मसूद गाजी में पिछले 20 वर्षों से जारी वित्तीय अनियमितताओं की SIT जांच के लिए CM को पत्र लिखा है।
- Written By: स्निग्धा श्रीवास्तव
अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष कुंवर बासित अली (सोर्स-फोटो नवभारत)
Kunwar Basit Ali Statement On Bahraich Dargah Scam: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में स्थित ऐतिहासिक दरगाह हजरत सैयद सालार मसूद गाजी (वक्फ नंबर 19) में भारी वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मामला गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत पत्र लिखकर इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय SIT से जांच कराने की मांग की है।
कुंवर बासित अली ने सीएम योगी को लिखे 4 पन्ने के पत्र में 17 बिंदुवार आरोपों के माध्यम से बताया है कि देश की इस महत्वपूर्ण धार्मिक और वक्फ संस्था में पिछले दो दशकों से वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग और करोड़ों रुपये का गबन किया जा रहा है।
सपा नेता यासिर शाह और करीबियों पर गंभीर आरोप
कुंवर बासित अली ने अपने पत्र में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक और कद्दावर नेता यासिर शाह की भूमिका की गहन जांच की मांग की है। आरोप है कि यासिर शाह और उनके परिवार (मरिया शाह) ने अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर दरगाह के प्रशासनिक और वित्तीय मामलों में अनुचित हस्तक्षेप किया। इसके अलावा, दरगाह के पूर्व अध्यक्ष दिवंगत शमशाद अहमद, वर्तमान अध्यक्ष बकाउल्लाह और प्रबंधक अलीुल हक, जो लगभग 40 वर्षों से कार्यरत हैं, के कार्यकाल की भी विस्तृत जांच की मांग की गई है।
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इन 17 बिंदुओं पर तत्काल उच्चस्तरीय एसआईटी जांच की मांग
- कुंवर बासित अली ने पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय शमशाद अहमद, वर्तमान अध्यक्ष बकाउल्लाह और अन्य संबंधित पदाधिकारियों के कार्यकाल में वक्फ नंबर 19 की आय, संपत्तियों, चढ़ावे एवं वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच के साथ-साथ उनके परिजनों की अर्जित चल व अचल संपत्तियों के स्रोतों की जांच की मांग की है।
- उन्होंने कहा कि वर्तमान में अध्यक्ष बकाउल्लाह के लगभग 20 वर्षों तक उपाध्यक्ष और अध्यक्ष पद पर रहते हुए लिए गए सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक निर्णयों की जांच हो साथ ही पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय शमशाद अहमद के कार्यकाल में हुए सभी वित्तीय लेन-देन और भूमि क्रय-विक्र की भी जांच कराई जाए।
- दरगाह समिति के सदस्य यासिर शाह, पूर्व विधायक (समाजवादी पार्टी) के संरक्षण, समर्थन एवं प्रभाव के कारण समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी एवं समर्थक-विशेष रूप से वकार शाह, मरिया शाह तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों द्वारा दरगाह एवं वक्फ की आय, चंदे तथा अन्य वित्तीय संसाधनों के दुरुपयोग, अनियमितताओं एवं कथित गबन में कोई संलिप्तता तो नहीं रही है।
- अज़मतुल्लाह द्वारा खादिम के रूप में कार्य करने एवं वक्फ नंबर 19 के प्रशासनिक मामलों में हस्तक्षेप करने की वैधानिकता की जांच कराई जाए।
- अज़मतुल्लाह और उनके रिश्तेदारों के नाम पर अर्जित संपत्तियों की जांच कराई जाए।
- दिलशाद अहमद एडवोकेट और उनसे संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कराई जाए। अगर वे वित्तीय अनियमितताओं या वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग में संलिप्त पाए जाते है तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
- पूर्व अध्यक्ष आबाद खान के कार्यभार हस्तांतरण के समय अभिलेखों में दर्ज सोने-चांदी के सिक्के, मुकुट, जेवरात एवं अन्य बहुमूल्य चढ़ावे की वस्तुओं का भौतिक सत्यापन कराया जाए।
- वक्फ नंबर 19 की धनराशि से खरीदी गई भूमि, भवन अथवा अन्य संपत्तियों की जांच कराई जाए और यदि किसी संपत्ति को अपने सगे संबंधियों के नाम दर्ज कराया गया हो तो उसे तत्काल वक्फ के नाम वापस कराई जाए।
- वक्फ नंबर 19 की दुकानों, भवनों और अन्य संपत्तियों के आवंटन, विक्रय एवं पट्टों की जांच कराई जाए क्योंकि अनेक दुकानों का वास्तविक मूल्य लाखों रुपये प्राप्त होने के बावजूद अभिलेखों में बहुत कम राशि दिखाई गई है।
- पिछले 20 सालों के सभी आय-व्यय, बैंक खातों, चढ़ावे, ठेकों, किरायों तथा अन्य वित्तीय अभिलेखों का विशेष ऑडिट कराया जाए।
- वर्ष 2005 में वक्फ नंबर 19 के मालखाने में दिन-दहाड़े हुई डकैती, जिसमें सोने-चांदी के सिक्के, नकदी एवं बहुमूल्य जेवरात लूटे गए थे, उससे संबंधित दर्ज एफआईआर एवं न्यायालय में लंबित प्रकरण की उच्चस्तरीय समीक्षा कराई जाए।
- वक्फ नंबर 19 की भूमि एवं अन्य संपत्तियों के हस्तांतरण, हिबा, विक्रय अथवा अन्य प्रकार से निस्तारण के सभी मामलों की जांच कराई जाए।
- यह भी जांच कराई जाए कि कहीं वक्फ नंबर 19 की आय, संसाधनों अथवा संपत्तियों का उपयोग समाजवादी पार्टी अथवा उससे संबंधित चुनावी एवं राजनीतिक गतिविधियों को लाभ पहुंचाने के लिए तो नहीं किया गया।
- वर्ष 2024-25 के ठेकों से संबंधित प्रकरणों की भी जांच कराई जाए। तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, बहराइच ने लगभग ₹1,02,87,000 की वित्तीय अनियमितता/घोटाला पकड़े जाने की जानकारी सामने आई थी।
- यह भी जांच की जाए कि ठेकों का आवंटन निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुरूप हुआ था या नहीं।
- वक्फ नंबर 19 के पिछले लगभग 20 वर्षों के समस्त प्रशासनिक, वित्तीय और संपत्ति संबंधी कार्यों की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या एसआईटी से कराई जाए ताकि वक्फ की वास्तविक स्थिति का खुलासा हो सके।
- लगभग 40 वर्षों से वक्फ नंबर 19 दरगाह हज़रत सैय्यद सालार मसूद गाज़ी रहमतुल्लाह अलैह, बहराइच में प्रबंधक के रूप में कार्यरत अलीमुल हक़ के कार्यकाल की भी विस्तृत जांच कराई जाए कि उनके कार्यकाल के दौरान वक्फ नंबर 19 में हुई वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के संबंध में उनकी क्या भूमिका रही और उन्होंने अपने वैधानिक दायित्वों का निर्वहन किस प्रकार किया।
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राजनीतिक उपयोग और अवैध संपत्तियों की जांच
बीजेपी नेता कुंवर बासित अली ने मुख्यमंत्री से यह भी जांच कराने का अनुरोध किया है कि कहीं वक्फ नंबर 19 की आय और संसाधनों का उपयोग समाजवादी पार्टी की चुनावी और राजनीतिक गतिविधियों के लिए तो नहीं किया गया। साथ ही पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों द्वारा अर्जित चल-अचल संपत्तियों के स्रोतों और वक्फ की धनराशि से निजी व्यक्तियों के नाम खरीदी गई संपत्तियों की भी जांच कर कार्रवाही की मांग की है।
कुंवर बासित अली ने पत्र के अंत में आग्रह किया है कि वक्फ की बहुमूल्य संपत्तियों की रक्षा और जनता का विश्वास बहाल करने के लिए इन सभी मामलों की समयबद्ध SIT जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाए।
