Bijnor CM Yogi: पशु नहीं, राष्ट्रीय धरोहर है गौमाता, योगी के बयान पर संतों ने क्या कहा? कही ये बड़ी बात

CM Yogi Statement: बिजनौर मे सोमवार को होने वाले एक कार्यक्रम मे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौलाना-मौलवियों पर जो गाय के राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर बयान देने वाले थे।
Bijnor CM Aditya Yogi: Cow is not the national animal, it is a national heritage: Saints endorse Yogi's statement
सीम योगी का बयान (सोर्स सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Bijnor CM Adityanath Yogi: बिजनौर में एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौलाना-मौलवियों पर जो गाय के राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर बयान देने वाले थे उन पर सीधा निशान साधा था। उन्होंने कहा था कि गाय हिन्दू समाज के लिए केवल एक पशु नहीं बल्कि माता है साथ मे उन्होंने यह भी कहा कि माता और पुत्र को किसी सरकारी घोषणा की आवश्यकता नहीं होती।

सीएम योगी ने गौहत्या, बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार, वक्फ संपत्तियों, विसठपित परिवारों और कानून व्यवस्था वाले अन्य कई मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। सीएम योगी के इस बयान पर सीताराम दास महाराज, तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंसाचार्य, हरीश दास और डॉ. देवेशाचार्य महाराज समेत कई साधु-संतों ने अपने विचार व्यक्त किए।

मौलाना-मौलवियों को सीएम योगी का करारा जवाब

मौलाना-मौलवियों के लगातार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर सीएम योगी ने करार जवाब देते हुए कहा कि, कुछ मौलाना जो लगातार गाय को जो मांग पर बयान दे रहे है तो ऐसे लोगों को समझ लेना चाहिए कि गाय हम हिंदुओं के लिए सिर्फ एक पशु नहीं बल्कि हमारी माता है। यह संबंध आस्था,संस्कार और श्रद्धा से जुड़ा हुआ होता है।

गाय को पशु कहने वाले अपने सोच बदलें

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग गाय को केवल एक पशु के रूप में देखते है उनकी सोच पर सवाल खड़े होते है। उन्होंने यह भी कहा कि गाय को एक पशु मानने वाले लोग एक बार अपनी मानसिकता पर विचार करें। उनके अनुसार हिन्दू धर्म में गाय का स्थान पूजनीय होती है और गाय को माता का दर्जा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि, गौहत्या को लेकर सख्त कानून है जो भी लोग इसमें शामिल होते हैं उन्हे उनके परिणाम भी भुगतने पड़ते हैं। साथ ही जो लोग गौहत्या का समर्थन करते हैं, उन्हें अपने अनुयायियों को समझना चाहिए कि ऐसे कार्यों का अंजाम क्या हो सकते है।

सीएम योगी के बयान पर संतों ने रखे अपने विचार

साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास महाराज ने मीडिया से हुई बातचीत में कहा कि "योगी आदित्यनाथ ने जो कहा है वह सौ फीसदी सही है। गौमाता विश्व माता है क्योंकि उनके अंदर सम्पूर्ण देवी-देवताओं का वास होता है। गौमाता की नाभि में अमृत होता है और वह रुद्रों की भी मां है। गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करने वाले मौलाना-मौलवियों की सोच पशुत्व है। जिसकी गौमाता के प्रति निष्ठा और सम्मान नहीं है। वह सिर्फ उकसाने और दुर्भावना पैदा करने की कोशिश करते हैं।"

वहीं, तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने कहा, "जो लोग यह मांग कर रहे है उनको सनातन धर्म के बारे में जानकारी नहीं है और मजहबी बुद्धि है, तो पहले आप लोग पहले सनातन के विषय में जानो। इस तरह का विरोधाभाषी दृष्टिकोण, जिसमें व्यक्ति परस्थतियों के अनुसार अपना रुख बदलता है विचार और समझ में असंगति को दर्शाता है।"

जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने आगे कहा कि, "गिरगिट की तरह रंग बदलने वालों को सीएम योगी ने बताया है कि प्राचीनकाल से ही वेदों में गाय को माता का स्थान दिया गया है। सीएम योगी के साथ पूरा सनातन धर्म है।" हनुमानगढ़ी के महंत डॉ. देवेशाचार्य महाराज ने भी कहा, कि हम सब पूरा सनातन धर्म सीम योगी आदित्यनाथ का समर्थन करते है और उनके साथ है। जो गौमाता को पशु कहे, उसे दंडित करना चाहिए।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com