इस्तीफे के बाद चंपत राय से मिले कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी, बंद कमरे में हुई बातचीत, पूजा-पाठ में होगा बदलाव!

Ayodhya Treasurer Govind Dev Giri: उत्तर प्रदेश के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय के इस्तीफे के बाद कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी उनसे मिलने पहुंचे। यहां उन्होंने उनकी सेहत का हालचाल पूछा।
Treasurer Govind Dev Giri met Champat Rai
चंपत राय और गोविंद देव गिरी (सौजन्य-IANS)
Published on: 
Updated on: 

Ayodhya Ram Mandir Treasurer Govind Dev Giri: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने चंपत राय से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। उन्होंने बताया कि चढ़ावे की गिनती सहित सभी प्रक्रियाओं में सुधार किया गया है, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना नहीं रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ट्रस्ट अधिक दक्षता और पारदर्शिता के साथ मंदिर का संचालन करेगा।

गोविंद देव गिरी ने मीडिया से बात करते हुए अपनी मुलाकात की जानकारी दी। उन्होंने बताया, "मैं बुधवार को चंपत राय से मिलने गया था। उनके साथ मेरी अच्छी बातचीत हुई। मुख्य रूप से मैं उनका स्वास्थ्य देखने गया था। वे पूरी तरह स्वस्थ हैं, संतुष्ट हैं और त्यागपत्र के कारण उनके मन में किसी प्रकार का आक्रोश नहीं है। वे एक मंझे हुए अनुभवी कार्यकर्ता हैं। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भारत माता की सेवा को समर्पित किया है। इसलिए हम जो नई व्यवस्था तैयार कर रहे हैं, उसका वे पूरा समर्थन कर रहे हैं। उनके मन में किसी प्रकार की नाराजगी नहीं है।"

राम मंदिर में पूजा व्यवस्था पर होगा सुधार

उन्होंने कहा, "मैं यहां के कुछ साधु-संतों से भी मिला। वे भी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा लिए गए निर्णयों से सहमत और प्रसन्न हैं। उन्होंने पूजा-पाठ और व्यवस्थाओं में कुछ सुधार की अपेक्षा जताई है, जिसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं और आवश्यक सुधार किए जाएंगे।"

गोविंद देव गिरी ने कहा, "मैं उस स्थान का भी निरीक्षण करने गया, जहां चढ़ावे की गिनती होती है। वहां की नई व्यवस्थाओं और किए गए बदलावों को देखा। अब इतनी सावधानी बरती जा रही है कि भविष्य में इस प्रकार की घटना दोबारा होने की संभावना नहीं रहेगी।"

देश को दिलाया भरोसा

उन्होंने कहा, "अब हम यह कार्य पहले से अधिक दक्षता के साथ करेंगे और किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं रहेंगे। जब यहां मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति हो जाएगी, तब पूरी कार्यप्रणाली में और अधिक निखार आएगा। हम पूरे देश को विश्वास दिलाते हैं कि श्रीराम मंदिर की प्रतिष्ठा और बढ़ेगी।"

वहीं, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास ने कहा, "जहां भगवान राम हैं, वहां अंततः सब कुछ ठीक हो जाता है। यह हमारा सौभाग्य है कि इस शासनकाल में रामलला विराजमान हुए, विधिवत पूजा-पाठ हो रहा है और श्रद्धालुओं को दर्शन में कोई कठिनाई नहीं है। विपक्ष अपनी बात कहता रहेगा, लेकिन ट्रस्ट अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभा रहा है।"

उन्होंने कहा, "मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति एक सही निर्णय है। इतने बड़े धार्मिक परिसर के सुचारु संचालन और बेहतर प्रबंधन के लिए यह आवश्यक है। जो लोग भगवान राम में आस्था नहीं रखते, वे आलोचना करते रहेंगे, लेकिन मंदिर की व्यवस्थाओं में लगातार सुधार हो रहा है।"

(एजेंसी इनपुट के साथ)