राम मंदिर चंदा चोरी विवाद: दान गिनती से हटाए गए 40 कर्मचारी, नई टीम को मिली जिम्मेदारी
Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े विवाद के बीच दान राशि और आभूषणों की गणना प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। 40 कर्मचारियों को गिनती के कार्य से हटाकर नई टीम को जिम्मेदारी सौंपी है।
- Written By: दिव्या सिंह
सीएम योगी और राम मंदिर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ayodhya Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती और कथित धन हेराफेरी मामले में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। दान की गणना में लगे करीब 40 कर्मचारियों को उनके कार्य से हटा दिया गया है और उनकी जगह बैंक एवं ट्रस्ट की ओर से नए गणनाकर्मियों की नियुक्ति की गई है। मामले की जांच कर रही SIT टीम छह दिनों की पड़ताल के बाद लखनऊ लौट चुकी है और जल्द ही अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप सकती है।
100 से अधिक लोगों से पूछताछ
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने दान से जुड़े रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, नकदी गिनने की प्रक्रिया और आभूषणों व अन्य मूल्यवान वस्तुओं से संबंधित दावों की जांच की। टीम ने ट्रस्ट पदाधिकारियों, पुजारियों, बैंक अधिकारियों और कैश प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों सहित 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की है।
जांच पूरी होने तक अयोध्या न छोड़ने के निर्देश
SIT ने जांच के दायरे में आए लोगों को निर्देश दिया है कि जांच पूरी होने तक वे अयोध्या न छोड़ें। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ और जांच से जुड़े सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे गए हैं। जांच केवल दान राशि तक सीमित नहीं रही, बल्कि ट्रस्ट की खरीद प्रक्रियाओं और मंदिर निर्माण सामग्री की खरीद की भी समीक्षा की गई है।
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रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से लंबी पूछताछ
जांच के दौरान रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से लगातार पूछताछ की गई। उन्हें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का करीबी सहयोगी माना जाता है। SIT ने उनके सहयोगियों, रिश्तेदारों और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी भी एकत्र की है।
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सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों का ध्यान वर्ष 2025 में प्रयागराज महाकुंभ मेले के दौरान हुई संभावित अनियमितताओं पर भी है। उस समय प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु राम मंदिर पहुंच रहे थे और दान पात्र बेहद कम समय में भर जा रहे थे। जांच में इसी अवधि के वित्तीय रिकॉर्ड और प्रक्रियाओं की विशेष रूप से समीक्षा की जा रही है।
