राम मंदिर चढ़ावा केस: सोने की ईंट से SIT जांच तक, जानिए अब तक की पूरी कहानी

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर के कथित चढ़ावा अनियमितता मामले में एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ाया, कई अहम लोगों से पूछताछ जारी। सोने की ईंट और आभूषणों से जुड़े दावों की भी जांच तेज।
Ram Mandir Donation Controversy SIT Reopens Interrogation of Tinnu and Gopal
राम मंदिर (Image- Social Media)
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SIT Investigation Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला पूरे देश में चर्चा में है। SIT ने मामले में जांच तेज कर दी है। मंदिर ट्रस्ट के ऑडिट डिपार्मेंट से लेकर SBI की शाखा तक सभी से पूछताछ की जा रही है। जांच टीम ने एक बार फिर राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और गोपाल राव से पूछताछ की है। मंदिर के पुजारी से हीरा जड़ित हार और चरण पादुका को लेकर सवाल किए गए, जबकि आभूषणों की देखरेख से जुड़े कृष्ण देव तिवारी के पास कथित सोने की ईंट या उससे संबंधित कोई रसीद नहीं मिली।

एसआईटी सीसीटीवी फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। अब तक 60 से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचकर मामले की समीक्षा कर सकते हैं। जांच के दौरान दानपात्रों से प्राप्त नकदी, सोना-चांदी, हीरे-जवाहरात और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के प्रबंधन से जुड़े दस्तावेजों की भी समीक्षा की जा रही है।

टिन्नू यादव और गोपाल राव से दोबारा पूछताछ

एसआईटी ने गुरुवार को राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और गोपाल राव से फिर पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर के पुजारी से हीरा जड़ित हार और चरण पादुका के संबंध में भी जानकारी ली गई। पुजारी ने बताया कि भगवान को अर्पित करने के बाद उक्त आभूषण टिन्नू यादव को लौटा दिए गए थे। वहीं, टिन्नू यादव ने पूछताछ में दावा किया कि सोने को गलाकर ईंट बनाने की योजना थी। हालांकि, आभूषणों की देखरेख से जुड़े कृष्ण देव तिवारी के पास न तो कोई सोने की ईंट मिली और न ही उससे संबंधित कोई दस्तावेज या रसीद बरामद हुई।

कौन हैं टिन्नू यादव और गोपाल राव?

राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव पहले ड्राइवर के रूप में कार्यरत थे। बाद में विश्व हिंदू परिषद से जुड़ाव बढ़ने के बाद उन्हें राम मंदिर में चढ़ावे की गणना से संबंधित जिम्मेदारियां सौंपी गईं। वहीं गोपाल राव चढ़ावे की राशि की गिनती प्रक्रिया के प्रभारी बताए जाते हैं और विश्व हिंदू परिषद में केंद्रीय मंत्री पद पर हैं।

100 से अधिक लोगों से पूछताछ

जांच एजेंसियां अब तक मंदिर कर्मचारियों, सेवादारों और चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े 100 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं। कई व्यक्तियों से एक से अधिक बार पूछताछ की गई है ताकि बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान किया जा सके। एसआईटी ने ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा को भी चेन्नई से तलब कर कई घंटे तक पूछताछ की।

सीसीटीवी और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच

जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चढ़ावे के संग्रह और बैंक में जमा होने के बीच किसी स्तर पर कोई अनियमितता हुई या नहीं। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।

आज अयोध्या पहुंचेंगे सीएम योगी आदित्यनाथ

जांच के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार दोपहर अयोध्या पहुंचेंगे। वह हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन करने के साथ-साथ जांच की प्रगति की भी जानकारी ले सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, उनके कार्यक्रम से ट्रस्ट के कुछ प्रमुख पदाधिकारियों को फिलहाल दूर रखा गया है।

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