चंपत राय के इस्तीफे पर पूर्णिमा कोठारी का बड़ा बयान: 'यह राम मंदिर को बदनाम करने की साजिश'

Champat Rai resignation News: राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच चंपत राय के इस्तीफे पर पूर्णिमा कोठारी ने दी प्रतिक्रिया। इसे राम मंदिर को बदनाम करने की साजिश बताते हुए ट्रस्ट पर जताया पूरा भरोसा।
Purnima Kothari's big statement on Champat Rai's resignation: 'This is a conspiracy to defame the Ram temple'
पूर्णिमा कोठारी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Purnima kothari Reaction On Champat Rai Resignation: राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को लेकर कारसेवक राम कुमार कोठारी और शरद कोठारी की बहन पूर्णिमा कोठारी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि चंपत राय ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया है। पूर्णिमा कोठारी ने चंपत राय के राम मंदिर आंदोलन में योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़े आंदोलन को समर्पित कर दिया।

उन्होंने कहा कि चंपत राय ने अदालत में चल रहे मामले से लेकर मंदिर निर्माण तक हर स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पूर्णिमा ने चढ़ावा हेराफेरी मामले को साजिश करार देते हुए दावा किया कि कुछ लोग राम मंदिर और उससे जुड़ी आस्था को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई होगी।

'नैतिक जिम्मेदारी' लेते हुए चंपत राय ने छोड़ा पद

पूर्णिमा कोठारी ने मीडिया से ​​बातचीत के दौरान कहा, "शायद उन्होंने (चंपत राय ने) अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर और नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए यह फैसला किया है, क्योंकि वह ट्रस्ट में बहुत अहम पद पर थे।" कोठारी ने कहा कि वह चंपत राय को पिछले 15 साल से जानती हैं और जब भी अयोध्या जाती हैं, उनसे मिलती रहती हैं।

राम मंदिर के निर्माण में निभाई अहम भूमिका

कोठारी ने आगे कहा, "उन्होंने अपना जीवन राम मंदिर के लिए समर्पित कर दिया है। उन्होंने अदालती मामले को भी संभाला था। उन्होंने राम मंदिर के निर्माण में अहम भूमिका निभाई और उन लोगों का मुकाबला किया जिन्होंने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे।"

पूर्णिमा कोठारी ने चंपत के योगदान को सराहा

कोठारी ने कहा, "इसलिए, जब उस व्यक्ति पर आरोप लगाए जाते हैं जिसने एक संत की तरह जीवन जिया हो, तो मुझे दुख होता है। मैंने काम (राम मंदिर के लिए) के प्रति उनका जुनून देखा है। उन्होंने बहुत संघर्षों के बीच अपना जीवन जिया है, उनके लिए यह पैसा कोई मायने नहीं रखता।" उन्होंने फिर कहा कि चंपत राय पर आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए।

राम मंदिर को बदनाम करने की साजिश का दावा

पूर्णिमा कोठारी ने राम मंदिर के लिए मिले चढ़ावे में हेराफेरी पर टिप्पणी करते हुए दावा किया, "मुझे लगता है कि यह किसी ऐसे व्यक्ति की साजिश है जो राम मंदिर को बनते हुए नहीं देखना चाहता था। जो लोग कभी राम मंदिर नहीं जाना चाहते और एक रुपया भी दान नहीं करना चाहते, ऐसे लोग जरूर किसी साजिश में शामिल होंगे ताकि राम मंदिर को बदनाम किया जा सके और लोगों की आस्था और श्रद्धा को कम किया जा सके। हो सकता है कि उन्होंने अपने ही किसी आदमी को अंदर घुसा दिया हो।"

ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर जताया भरोसा

उन्होंने कहा, "हजारों लोग मंदिर आते हैं और वहां हजारों कर्मचारी भी हैं। आप हर व्यक्ति की जांच करके यह नहीं देख सकते कि कौन राम भक्त है और कौन नहीं। अगर किसी दूसरे धर्म का व्यक्ति भी 'टीका' और 'कलावा' पहनकर अंदर जाता है, तो कोई उस पर नजर नहीं रखता। उसे अंदर जाने दिया जाएगा।"पूर्णिमा कोठारी ने ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा, मैंने कोर्ट केस जीतने और राम मंदिर बनाने में उनकी कड़ी मेहनत देखी है।

दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

कोठारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद मंदिर पर नजर रखे हुए हैं। मंदिर की सुरक्षा बहुत कड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

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