Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, 13 जुलाई को हो सकती है सुनवाई

Supreme Court PIL Hearing: राम मंदिर के चढ़ावे में वित्तीय अनियमितता और चोरी के आरोपों से जुड़ी PIL पर सुप्रीम कोर्ट में 13 जुलाई को सुनवाई होगी। अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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सुप्रीम कोर्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Supreme Court on Ram Mandir Donation Row: अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी जनहित याचिका (PIL) पर अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की तैयारी है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर जारी कंप्यूटर जनरेटेड सूची के अनुसार, यह मामला 13 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। यह याचिका अधिवक्ता अजय राय और दिनेश यादव की ओर से दायर की गई है।

यह याचिका ऐसे समय में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुई है, जब राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं का मामला पहले से चर्चा में है। विशेष जांच दल (SIT) की जांच के बाद इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि दान की गिनती के दौरान चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी की गई थी। सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।

जोड़ी जा रहीं पूरे नेटवर्क की कड़ियां

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अदालत से तीन आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे की सात दिन की पुलिस रिमांड मांगी थी। हालांकि अदालत ने एक दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड ही मंजूर की। जांच के दौरान पुलिस आरोपियों के बयान, बरामद नकदी और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी रही। कुछ आरोपियों पर कथित तौर पर चोरी की रकम से संपत्ति खरीदने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।

13 जुलाई की सुनवाई पर रहेगी नजर

अब इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। अदालत में याचिका पर होने वाली सुनवाई के दौरान ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन, चढ़ावे की व्यवस्था और जांच से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हो सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।

अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में SIT की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर आठ लोगों की गिरफ्तारी की गई है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं ने 40 दिनों की अवधि में चोरी की लगभग 70 संदिग्ध घटनाओं की पहचान की है और वे आरोपियों की भूमिका के साथ-साथ मंदिर में दान की रकम की गिनती की व्यवस्था में कथित प्रक्रियागत और सुरक्षा सम्बंधी खामियों की भी जांच कर रहे हैं।

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