बाबरी विवाद से रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा तक...अयोध्या में तस्वीरों में देखें राम मंदिर की 500 साल की कहानी

Ayodhya Historical Exhibition: अयोध्या में दीपोत्सव के बाद लोगों को रामनगरी के इतिहास से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। रामकथा पार्क में ‘अयोध्या: आस्था, संघर्ष और पुनरुत्थान’ शीर्षक से प्रदर्शनी लगाई गई।
ram mandir
रामकथा पार्क में विशेष ऐतिहासिक प्रदर्शनी लगाई गईसोर्स- सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Highlights:

  • रामकथा पार्क में दो दिन प्रदर्शनी आम लोगों के लिए खुलेगी

  • 1528 से 2019 तक की ऐतिहासिक और न्यायिक यात्रा दिखाई जाएगी

  • मंदिर निर्माण, प्राण-प्रतिष्ठा, धर्मध्वजा आरोहण भी दिखाया जाएगा

Ram Mandir History: अयोध्या में भव्य दीपोत्सव की सफलता के बाद अब दीपावली के उत्सवी माहौल में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को रामनगरी के इतिहास से रूबरू होने का अवसर दो दिन जारी रहेगा। रामकथा पार्क में ‘अयोध्या: आस्था, संघर्ष और पुनरुत्थान’ शीर्षक से विशेष ऐतिहासिक प्रदर्शनी लगाई गई है।

इसमें अयोध्या की हजारों साल पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से लेकर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा तक की पूरी यात्रा दिखाई जाएगी। प्रदर्शनी 8 और 9 नवंबर को आम लोगों के लिए खुली रहेगी।

प्रदर्शनी में ऐतिहासिक दस्तावेजों, दुर्लभ तस्वीरों, पांडुलिपियों और मानचित्रों के माध्यम से अयोध्या के इतिहास को सरल तरीके से समझाया जाएगा। इसमें प्राचीन धार्मिक परंपराओं से लेकर श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े आंदोलन और लंबे न्यायिक संघर्ष तक के महत्वपूर्ण पड़ाव शामिल किए गए हैं।

ram mandir
तस्वीरों में देखें राममय अयोध्या, ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे कलाकार, जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजा रामपथ

प्राचीन अयोध्या से शुरू होगी इतिहास की यात्रा

प्रदर्शनी की शुरुआत अयोध्या की प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से होगी। इसमें संस्कृत ग्रंथों और पांडुलिपियों के जरिए अयोध्या की महिमा को दर्शाया गया है। विशेष रूप से 'अयोध्या माहात्म्य' में वर्णित धार्मिक महत्व, सूर्यवंश की परंपरा और मां सरयू के आध्यात्मिक महत्व को जगह दी गई है।

इसके बाद वर्ष 1528 से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों, श्रीराम जन्मभूमि से संबंधित सिख परंपरा और 1855 तथा 1858 की घटनाओं को अभिलेखीय दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किया गया है। वर्ष 1885 में महंत रघुबर दास की ओर से दायर मुकदमे और 1949 की महत्वपूर्ण घटनाओं को भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया है।

राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख पड़ाव भी दिखेंगे

प्रदर्शनी में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन की यात्रा को भी क्रमवार दिखाया गया है। इसमें गोरक्षपीठ की तीन पीढ़ियों महंत दिग्विजयनाथ, महंत अवैद्यनाथ और महंत योगी आदित्यनाथ के योगदान को शामिल किया गया है।

इसके अलावा धर्म संसद, राम-जानकी रथयात्रा, रामशिला पूजन, 1990 की कारसेवा और 1992 के घटनाक्रम को भी प्रदर्शित किया जाएगा। वर्ष 1993 में भूमि अधिग्रहण के साथ पुरातात्विक सर्वेक्षण और खुदाई से जुड़ी जानकारियां भी यहां देखने को मिलेंगी।

2010 से 2019 तक के अदालती फैसलों की जानकारी

श्रीराम जन्मभूमि विवाद से जुड़े लंबे न्यायिक सफर को भी प्रदर्शनी में विशेष जगह दी गई है। इसमें वर्ष 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से लेकर 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय तक की जानकारी दी जाएगी। दस्तावेजों और ऐतिहासिक संदर्भों के माध्यम से लोग इस मामले की न्यायिक प्रक्रिया के अलग-अलग पड़ावों को समझ सकेंगे।

मंदिर निर्माण से प्राण-प्रतिष्ठा तक की कहानी

प्रदर्शनी के अंतिम हिस्से में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण पड़ाव दिखाए जाएंगे। इसमें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास का गठन, 5 अगस्त 2020 को मंदिर निर्माण के लिए हुआ भूमिपूजन, मंदिर की स्थापत्य और शिल्पकला तथा 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को शामिल किया गया है।

इसके साथ ही 25 नवंबर 2025 को धर्म ध्वजारोहण, 19 मार्च 2026 को श्रीराम यंत्र की स्थापना और अयोध्या के दीपोत्सव की यात्रा भी प्रदर्शित की जाएगी।

इतिहास को तस्वीरों और दस्तावेजों से समझ सकेंगे लोग

प्रदर्शनी का उद्देश्य अयोध्या की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक यात्रा को लोगों तक पहुंचाना है। यहां दुर्लभ दस्तावेजों, ऐतिहासिक तस्वीरों, पांडुलिपियों और मानचित्रों के जरिए अलग-अलग दौर की घटनाओं को एक साथ देखने और समझने का अवसर मिलेगा।

‘आस्था की अनंत धारा, इतिहास की अमर गाथा’ की थीम पर आधारित यह प्रदर्शनी आम नागरिकों के साथ शोधार्थियों, विद्यार्थियों, इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वालों तथा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी खास होगी। रामकथा पार्क में 8 और 9 नवंबर को लगने वाली इस प्रदर्शनी में प्रवेश आम लोगों के लिए खुला रहेगा।

ram mandir
तस्वीरों में देखिए... दीपोत्सव के लिए दुल्हन की तरह सज रही अयोध्या, भव्य आयोजन की शानदार तैयारियां