

Devendra Fadnavis Viral Video Babri Structure: महाराष्ट्र के कद्दावर नेता और सीएम देवेंद्र फडणवीस का एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोर रहा है। इस वीडियो में वे एक कार्यक्रम के दौरान अपने जीवन के उस चाप्टर को साझा करते नजर आ रहे हैं, जब वे राम जन्मभूमि आंदोलन का हिस्सा बने थे।
वायरल हो रहे इस वीडियो में फडणवीस ने बेहद बेबाकी से बताया है कि किस तरह उन्होंने महज 20 साल की उम्र में जेल की सलाखें काटी थीं और कैसे वे वर्ष 1992 में अयोध्या के उस ऐतिहासिक घटनाक्रम के प्रत्यक्षदर्शी बने थे।
वीडियो में अपने युवा दिनों की यादों को ताजा करते हुए देवेंद्र फडणवीस बताते हैं कि जब देश में राम जन्मभूमि आंदोलन की लहर चल रही थी, तब उनकी उम्र केवल 20 वर्ष थी। इस बेहद कम उम्र में ही वे इस आंदोलन से जुड़ने के लिए घर से निकल पड़े थे। वे सबसे पहले प्रयागराज पहुंचे और फिर वहां से आगे अयोध्या की तरफ बढ़े।
मार्ग में उन्हें और उनके साथी कारसेवकों को पुलिस और प्रशासन के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। उस समय के भयानक दृश्य को याद करते हुए फडणवीस वीडियो में कहते हैं, उस समय एक प्रकार से पहली बार गोली चलती कैसी है मैंने देखी। हमारे ऊपर गोली चली, डंडे बरसे। इस हिंसक कार्रवाई के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
गिरफ्तारी के बाद देवेंद्र फडणवीस को उत्तर प्रदेश की सेंट्रल जेल बदायूं भेज दिया गया था। इतनी कम उम्र में जेल जाने के अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वे पूरे 18 दिनों तक बदायूं की सेंट्रल जेल में बंद रहे।
हालांकि, जेल की सलाखें और पुलिस की लाठियां भी उनके हौसले को डिगा नहीं सकीं। फडणवीस कहते हैं कि 18 दिनों के बाद जब वे जेल से रिहा होकर वापस आए, तो वे चुपचाप घर पर नहीं बैठे, बल्कि दोबारा उसी आंदोलन में पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गए।
इस वायरल क्लिप के सबसे चर्चित हिस्से में देवेंद्र फडणवीस वर्ष 1992 के उस दिन का जिक्र करते हैं जब अयोध्या में विवादित ढांचा गिराया गया था। वे अत्यंत गर्व के साथ कहते हैं, 1992 में जिस समय बाबरी ढांचा ढहाया गया, उस समय मैं वहां उपस्थित था और मुझे इस बात का बहुत गर्व है। फडणवीस के इस बेबाक बयान पर कार्यक्रम के मंच से भी सराहना की आवाज सुनाई देती है।
देवेंद्र फडणवीस का यह वीडियो उनके समर्थकों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच तेजी से साझा किया जा रहा है, जिसमें लोग उनके इस जुड़ाव और संघर्ष की सराहना कर रहे हैं।