आशुतोष ब्रह्मचारी (सोर्स- नवभारत डिजाइन)
Ashutosh Brahmachari In High Court: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर नाबालिगों से जुड़े कथित कुकर्म का आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे। उन्होंने स्वामी की अग्रिम जमानत याचिका पर कोर्ट के निर्देश के अनुसार अपना लिखित जवाब जमा किया। आशुतोष ब्रह्मचारी 883 पेज का लिखित जवाब लेकर हाई कोर्ट पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि इसमें वह नाबालिग बटुकों के साथ किए गए कुकर्म और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े अन्य साक्ष्य दाखिल कर रहे हैं। इसके अलावा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शंकराचार्य होने का जो झूठा हलफनामा दाखिल किया है, उसको लेकर भी साक्ष्य पेश किए गए हैं।
आशुतोष ब्रह्मचारी 12 मार्च को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल नहीं कर पाए थे। उन्होंने कहा कि वह अपने मामले में इन पर्सन बहस कर रहे हैं। उन्होंने 12 मार्च को ईमेल के जरिए अदालत को बताया था कि सुरक्षा कारणों के चलते वह हाईकोर्ट नहीं आ सके। अब उन्हीं कारणों के बीच उन्होंने अपना जवाब दाखिल कर दिया है।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि जवाब दाखिल करने में हुई देरी के लिए उन्होंने माफी याचिका भी दी है। उनका दावा है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ उनके पास पुख्ता सबूत हैं, जिन्हें वे कोर्ट में पेश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन साक्ष्यों के आधार पर वे हाईकोर्ट में स्वामी की नियमित जमानत याचिका का विरोध करेंगे और नाबालिगों बटुकों से जुड़े यौन शोषण मामले में ट्रायल कोर्ट से सजा दिलाने की कोशिश करेंगे।
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आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य के खिलाफ नाबालिगों के यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए झूंसी थाने में शिकायत दी थी लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। जिसके बाद उन्होंने 28 जनवरी को अदालत का रुख किया। 13 फरवरी को पोक्सो कोर्ट में नाबालिगों के बयान दर्ज हुए और पुलिस रिपोर्ट पर भी संज्ञान लिया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा और बाद में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।