

Irregularities found in voter list before UP Panchayat elections: उत्तर प्रदेश में 2026 अप्रैल-मई में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने हैं। इसको लेकर अभी से ही तैयारियां जोरों पर है। इसी बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जताई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जांच में मतदाता सूची में करीब सवा करोड़ मतदाता फर्जी पाएं गए हैं। इसका मतलब है कि एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग ग्राम पंचायतों में दर्ज है।
गड़बड़ी सामने आने के बाद बिहार के तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी वोटर सत्यापान का कार्य कराया जा रहा है। इसको लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि, सभी जिलों में फर्जी और डुप्लीकेट वोटरों के नामों का सत्यापन किया जाए। जानकारी मिली है कि, वोटर लिस्ट में ऐसे कई नाम दर्ज हैं जो एक ही पते, उम्र, लिंग या पहचान के आधार पर बार-बार शामिल किए गए हैं। साथ ही ऐसा भी पाया गया है कि, कई लोगों के नाम और उनके पते मैच नहीं हो रहे है। जिससे गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई है। इसका सत्यापन ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर करेंगे। सत्यापान के काम में एआई (AI) तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि, फर्जी और संग्दिधों का नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। नामों के सत्यापन के लिए अधिकारियों की टीम घर-घर जाकर जांच करेगी। फर्जी और संदिग्ध मतदाताओं के नाम और पता का मिलान आधार, राशन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों के किया जाएगा।
सत्यापन के कार्य के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम और एआई टेक्नोलॉजी का सहारा लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि, AI वोटर लिस्ट में दोहराव और फर्जावाड़े को कम करने में कारगर साबिह होगा। चुनाव आयोग ने का कहना है कि, जो भी नाम संदिग्ध पाए जाएंगे, उन्हें मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। सत्यापन का कार्य पूरी होने के बाद जनवरी 2026 के अंतिम में मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। जिसके बाद चुनाव कार्यक्रम का ऐलान किया जाएगा।
मिली जानकारी के मुताबिक, 14 अगस्त से 29 सितंबर तक घर-घर सत्यापन और नए मतदाताओं के नामांकन का काम चल रहा है। इसके अलावा, 14 अगस्त से 22 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है। साथ ही 23 से 29 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदनों का सत्यापन किया जाएगा।