

लखनऊ: केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मिर्जापुर में अपना दल के कार्यकर्ता के घर में घुसकर शराब पीने और उसकी बेटी का अपहरण करने की कोशिश की घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया है। जिस पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि सांसद भूल गई हैं कि उनके अपने लोग भी सरकार का हिस्सा हैं।
सपा अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर लिखा- 'जब बात अपने कार्यकर्ता की आई तो भाजपा की माननीय मंत्री महोदया को पूछना पड़ा कि 'जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली सरकार कहां है'। उन्हें पूछना चाहिए था कि 'डबल इंजन की सरकार कहां है?' वैसे शायद वह भूल गईं कि उनके अपने लोग भी सरकार का हिस्सा हैं।
कन्नौज सांसद ने आगे कहा कि अब देखना यह है कि यूपी की पुलिस और चिकित्सा व्यवस्था की पोल खुलने का खामियाजा अधिकारियों को भुगतना पड़ेगा या मंत्री या उनके लोग इसका शिकार बनेंगे। आज भाजपा की मंत्री खुद पूछ रही हैं... कोई है क्या?
दरअसल यह मामला मिर्जापुर जिले के विंध्याचल थाना क्षेत्र का है जहां अपना दल के कार्यकर्ता के घर में कुछ लोगों ने घुसकर शराब पी और जब उसने विरोध किया तो उसकी बेटी को जबरन खींचकर ले गए। विरोध करने पर आरोपियों ने माता-पिता को बुरी तरह पीटा और पिता का सिर फोड़ दिया। मां की पसलियां भी तोड़ दीं।
इस घटना पर अनुप्रिया पटेल भड़क गईं और कहा कि हालात खराब हैं और यह बहुत शर्मनाक है कि हमारी पुलिस सो रही है। हमारी यूपी और केंद्र सरकार जीरो टॉलरेंस पर काम करती है। हम बहू-बेटियों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। किसी भी तरह का अभद्र व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर दो घंटे के अंदर इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला सीधे मुख्यमंत्री तक जाएगा।