नशामुक्ति टीम खुद नशे में; युवाओं को छुड़ाने पहुंची टीम पर ही उठे सवाल, टप्पल में हंगामे का वीडियो वायरल

Aligarh Drug Rehabilitation Centre: अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र में एक नशामुक्ति केंद्र को लेकर हंगामा सामने आया है। युवकों को लेने पहुंची टीम पर नशे में होने, जबरन ले जाने और कथित वसूली के आरोप लगे हैं।
Aligarh De addiction Centre Faces Allegations After Team Members  Being Intoxicated
नशामुक्ति टीम(सोर्स- फोटो नवभारत)
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Aligarh De Addiction Centre Controversy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ‘मन की बात’ में देश के युवाओं से नशे की लत छोड़कर राष्ट्र निर्माण में भागीदारी की अपील की थी। देशभर में सरकार और विभिन्न संस्थाओं की ओर से नशे की गिरफ्त में आए लोगों को इससे बाहर निकालने के लिए नशामुक्ति केंद्रों के माध्यम से उपचार और पुनर्वास का काम किया जा रहा है। लेकिन अलीगढ़ में सामने आया एक मामला इन केंद्रों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

युवकों को लेने नशे की हालत में पहुंची टीम

टप्पल थाना क्षेत्र में अलीगढ़-पलवल हाईवे स्थित एक नशामुक्ति केंद्र में बीती रात उस समय हंगामा हो गया, जब युवकों को लेने पहुंची एक टीम के सदस्यों पर ही नशे की हालत में होने के गंभीर आरोप लगे। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक टीम के सदस्य नशे में इस कदर दिखाई दे रहे थे कि युवकों को पकड़कर ले जाने की कोशिश के दौरान विवाद और खींचतान की स्थिति बन गई। पूरे घटनाक्रम के वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

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स्थानीय लोगों का आरोप है कि नशामुक्ति केंद्र से जुड़ी टीम कथित तौर पर गांवों में पहुंचकर नशे के आदी युवकों को जबरन अपने साथ ले जाने का प्रयास करते रहे हैं। आरोप यह भी है कि इसके बदले युवकों और उनके परिजनों से कथित रूप से रकम वसूली जाती है।

उत्तर प्रदेश पुलिस के सेवानिवृत्त दरोगा नशामुक्ति केंद्र का संचालन

बताया जा रहा है कि जिस नशामुक्ति केंद्र को लेकर यह विवाद सामने आया है, उसका संचालन उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सेवानिवृत्त दरोगा द्वारा किए जाने की बात सामने आ रही है। केंद्र के वैध संचालन, पंजीकरण और वहां उपचार की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस टीम की जिम्मेदारी नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को सुरक्षित तरीके से उपचार और पुनर्वास की ओर ले जाने की हो, अगर उसी टीम के सदस्यों पर नशे में होने के आरोप लगें तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

अब निगाहें अलीगढ़ जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर हैं। क्या इस नशामुक्ति केंद्र की जांच होगी? क्या केंद्र का संचालन नियमों के अनुरूप हो रहा है? युवाओं को जबरन ले जाने और कथित वसूली के आरोपों की जांच होगी या नहीं? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।

नशे के खिलाफ प्रधानमंत्री की मुहिम के बीच अलीगढ़ का यह मामला इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि यहां नशे से मुक्ति दिलाने वाली व्यवस्था की भूमिका ही सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है।

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