

Akhilesh Yadav on Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। यह मामला श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। इसके बाद पुलिस ने सभी 8 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
ट्रस्ट द्वारा दर्ज कराए गए इस मुकदमे में महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव जैसे वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम आरोपियों की सूची में शामिल नहीं हैं। जबकि विपक्षी दल पिछले कुछ समय से कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर इन्हीं नामों को निशाने पर लेते हुए सवाल उठा रहे हैं। अब एक बार फिर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
अपने एक और एक्स पोस्ट में अखिलेश यादव ने शायराना अंदाज में कहा कि भाजपा राज में नाइंसाफ़ी की दिखेगी ये झांकी, फुनगी को फांसी, शाखाओं को मिलेगी माफ़ी! जनता कह रही है कि पहले SIT के बहाने सारे सबूत साफ़ कर दिये गये होंगे और ये निश्चित कर लिया गया होगा कि किन बड़ी मछलियों को बचाना है और किसको फंसाना है, उसके बाद FIR हो रही है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि लगता है SIT को पहले रिपोर्ट बनाकर दे दी गई होगी और उसके हिसाब से जांच की गई होगी मतलब निष्कर्ष पहले निकाल लिया गया होगा।
राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ियों और गबन के आरोप सामने आने के बाद 13 जून को सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने लगातार छह दिनों तक मंदिर परिसर का दौरा कर विभिन्न पक्षों से पूछताछ की। जांच के दौरान टीम ने मंदिर प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों, ट्रस्ट से संबद्ध लोगों और अन्य संबंधित व्यक्तियों समेत 50 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए।