

Akhilesh Yadav Agra Visit: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आगरा दौरे के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय राजनीति, अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, महंगाई और सामाजिक न्याय के विमर्श से जोड़ने की कोशिश की। व्यापारियों से संवाद के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर छोटे कारोबारियों की उपेक्षा, बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार और आर्थिक असमानता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार “बड़ों को और बड़ा तथा छोटों को खत्म करने” की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने रेहड़ी-पटरी, दूध, सब्जी, चाय विक्रेताओं, दिहाड़ी मजदूरों और छोटे-मझोले व्यापारियों का जिक्र करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर इन वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए विशेष नीतियां लागू की जाएंगी।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्दे को भी घरेलू आर्थिक संकट से जोड़ते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री इजराइल की जगह ईरान गए होते तो युद्ध जैसी स्थिति नहीं बनती और देश को पेट्रोलियम संकट का सामना नहीं करना पड़ता। हालांकि यह बयान राजनीतिक बहस का विषय बन गया है और विदेश नीति के सवालों पर नई चर्चा छेड़ सकता है। अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और उसकी जांच को लेकर भी अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों की प्रशासनिक जांच से “सनातन का अपमान” हो रहा है। इस बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज होने की संभावना है।
सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार में अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर है। आगरा और ब्रज क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों, गरीबों और कमजोर वर्गों पर अत्याचार बढ़े हैं। आर्थिक मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि देश को “मैन्युफैक्चरिंग हब” बनाने का वादा किया गया था, लेकिन भारत “असेंबलिंग हब” बनकर रह गया है। उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत को सीमित लाभ मिल रहा है और सपा सरकार बनने पर उत्तर प्रदेश को औद्योगिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने किसानों, आलू कारोबारियों और कोल्ड स्टोरेज उद्योग के लिए विशेष योजनाओं का भी संकेत दिया।
इस दौरान अखिलेश यादव ने PDA की नई परिभाषा भी बताई। उन्होंने कहा कि PDA का अर्थ केवल “पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक” नहीं बल्कि “प्रेम, दया और अपनापन” भी है। उनके अनुसार समाज को जोड़ने के लिए सामाजिक सौहार्द और संवेदनशीलता जरूरी है।
बिहार और पश्चिम बंगाल की राजनीति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीतिक रणनीति उत्तर प्रदेश में सफल नहीं होगी क्योंकि प्रदेश की जनता “बहुत समझदार” है और सब कुछ देख रही है। अखिलेश यादव के इन बयानों को राजनीतिक विश्लेषक 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय मुद्दों के जरिए सामाजिक और आर्थिक वर्गों को साधने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।