

Agra Tractor Rally Youth Protest: यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर आगरा में आंदोलन ने रविवार को एक बार फिर बड़ा रूप ले लिया। हजारों की संख्या में युवा सड़कों पर उतर आए। सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ मोदी चौराहे से आगरा की ओर बढ़े प्रदर्शनकारियों के काफिले ने पुलिस-प्रशासन की व्यवस्थाओं को चुनौती दे दी। सड़क पर चारों तरफ युवाओं का हुजूम नजर आया और लगातार यूजीसी रोलबैक के नारे गूंजते रहे।
प्रदर्शनकारियों के बड़ी संख्या में पहुंचने की सूचना के बाद पुलिस ने कई स्थानों पर नाकेबंदी और सुरक्षा व्यवस्था की थी। आगरा पुलिस को उम्मीद थी कि 18 सितंबर की तरह ही प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थानों पर रोककर स्थिति को नियंत्रित कर लिया जाएगा, लेकिन जैसे-जैसे प्रदर्शनकारियों का काफिला आगे बढ़ा, पुलिस की तैयारियां कमजोर पड़ती नजर आईं। सैकड़ों ट्रैक्टरों और हजारों युवाओं का काफिला नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ता रहा।
मोदी चौराहे से आगरा की तरफ बढ़ते प्रदर्शनकारियों के बीच खासा उत्साह दिखाई दिया। ट्रैक्टरों पर सवार युवा हाथों में झंडे और बैनर लेकर यूजीसी रोलबैक की मांग कर रहे थे। देखते ही देखते सड़क पर दूर तक सिर्फ प्रदर्शनकारी ही नजर आने लगे। पुलिसकर्मियों ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ का दबाव बढ़ता गया और प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे।
प्रदर्शनकारियों के हाईवे पर उतरने की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई। पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस प्रदर्शनकारियों को हाईवे से नीचे उतारने में सफल रही। इस दौरान करीब 30 मिनट तक आगरा-नोएडा एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ प्रदर्शनकारियों का कब्जा रहा और वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।
आंदोलनकारियों का कहना था कि यूजीसी से जुड़े प्रस्तावित बदलावों को लेकर उनकी आपत्तियों को गंभीरता से लिया जाए और संबंधित प्रावधानों को वापस लिया जाए। इसी मांग को लेकर पिछले कई दिनों से आगरा में गांव-गांव और कस्बों में अभियान चलाया जा रहा है। रविवार को इसी अभियान का बड़ा असर सड़कों पर दिखाई दिया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस लगातार भीड़ की निगरानी करती रही। कई स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। हालांकि, हजारों की संख्या में युवाओं और बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों के साथ आगे बढ़े काफिले ने सुरक्षा व्यवस्था के सामने चुनौती खड़ी कर दी।
18 सितंबर के प्रदर्शन के बाद रविवार को एक बार फिर बड़ी संख्या में लोगों के सड़क पर उतरने से साफ है कि यूजीसी रोलबैक का मुद्दा आगरा में लगातार जोर पकड़ रहा है। फिलहाल प्रशासन की नजर आंदोलन की अगली रणनीति और प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर बनी हुई है।