ताजमहल या तेजोमहालय? जलाभिषेक के वाद में फिर टली सुनवाई, 12 नवंबर अगली तारीख

Tejo Mahalaya Dispute: ताजमहल को तेजोमहालय बताते हुए जलाभिषेक-दुग्धाभिषेक की अनुमति मांगने वाले वाद में आगरा कोर्ट ने अगली सुनवाई 12 नवंबर तय की। सुनवाई के दौरान विपक्षी पक्ष के अधिवक्ता अनुपस्थित रहे
Taj Mahal Tejo Mahalaya Case: Agra Court Fixes November 12 for Next Hearing
कुंवर अजय तोमर (सोर्स- नवभारत लाइव)
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Taj Mahal Tejo Mahalaya Dispute: ताजमहल को तेजोमहालय बताते हुए जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और पूजा-अर्चना की अनुमति की मांग को लेकर दाखिल वाद में गुरुवार को आगरा की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान वादी कुंवर अजय तोमर की ओर से उनके अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा। वहीं, मामले में पक्षकार बनने की अर्जी देने वाले सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी की ओर से अधिवक्ता अदालत में उपस्थित नहीं हुए।

अदालत ने भोजनावकाश तक विपक्षी अधिवक्ता का इंतजार किया, लेकिन उनके उपस्थित नहीं होने पर न्यायहित में एक और अवसर देते हुए अगली सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख निर्धारित कर दी।

12 अगस्त-2 सितंबर को भी गैरहाजिर रहे विपक्षी अधिवक्ता

वादी द्वारा बताया गया कि इससे पहले 12 अगस्त और 2 सितंबर को हुई सुनवाई में भी विपक्षी पक्ष के अधिवक्ता गैरहाजिर रहे थे। ऐसे में आज की सुनवाई में भी उनकी अनुपस्थिति के बाद अदालत ने मामले को आगे बढ़ाने के बजाय विपक्ष को अपना पक्ष रखने का एक और अवसर दिया।

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यह वाद कुंवर अजय तोमर की ओर से ताजमहल को तेजोमहालय बताते हुए दाखिल किया गया है। वादी का कहना है कि ताजमहल भगवान शिव का मंदिर और करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। उनका दावा है कि यहां हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक की अनुमति मिलनी चाहिए।

वर्ष 2024 में दाखिल किया गया था वाद

अजय तोमर की ओर से वर्ष 2024 में यह वाद दाखिल किया गया था। वाद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीक्षण पुरातत्वविद और भारत संघ को विपक्षी बनाया गया था।

इस विवाद से जुड़ा एक अलग तेजोमहालय प्रकरण इलाहाबाद हाईकोर्ट तक भी पहुंच चुका है, जहां ताजमहल परिसर के सर्वे की मांग को लेकर याचिका पर सुनवाई हुई थी। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और एएसआई से जवाब मांगा है।

इधर, अजय तोमर का कहना है कि जब तक ताजमहल में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक की अनुमति नहीं मिलती, तब तक उनकी कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। अब सभी की निगाहें 12 नवंबर की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

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