

Agra Hindu Mahasabha Nathuram Godse Shraddh: अगर किसी परिवार के बुजुर्ग इस दुनिया को छोड़ चुके हैं तो सनातनी संस्कृति के अनुसार पितृपक्ष में उनका श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। इसी परंपरा का हवाला देते हुए अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से शुक्रवार, 2 अक्टूबर को नाथूराम गोडसे का श्राद्ध और तर्पण किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर संगठन की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
हिंदू महासभा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अज्जू चौहान ने नव भारत से विशेष बातचीत में कहा कि बेशक 2 अक्टूबर का दिन है, लेकिन संगठन देश के क्रांतिकारी नाथूराम गोडसे का श्राद्ध और तर्पण हर हाल में करेगा। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए क्रांतिकारियों ने अपना बलिदान दिया और खून बहाया।
अज्जू चौहान ने कहा कि श्राद्ध और तर्पण के दिन 2 अक्टूबर पड़ना महज संयोग है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि पुलिस- प्रशासन अगर हमारे पूर्वज और देश के महान क्रांतिकारी नाथूराम गोडसे के साथ और तर्पण के कार्यक्रम को रोकते हैं तो वह अपना काम करें और हम अपना काम करेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस - प्रशासन को हमारे क्रांतिकारी नाथूराम गोडसे के श्राद्ध और तर्पण के कार्यक्रम से परेशानी नहीं होनी चाहिए।
अज्जू चौहान ने कहा कि सनातनी परंपरा में पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों को जल अर्पित कर उनका श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। नाथूराम गोडसे का श्राद्ध और तर्पण भी इसी परंपरा का हिस्सा है।
वहीं, कार्यक्रम के संयोजक अवतार सिंगला ने बताया कि हिंदू महासभा की ओर से हर वर्ष नाथूराम गोडसे का श्राद्ध और तर्पण किया जाता रहा है। इस वर्ष भी विधि-विधान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके लिए ब्राह्मण भोज की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में मालपुआ और खीर का प्रसाद भी वितरित किया जाएगा।
गौरतलब है कि अज्जू चौहान इससे पहले ताजमहल को 'तेजो महालय' बताए जाने को लेकर भी चर्चा में रही हैं। अब नाथूराम गोडसे के श्राद्ध और तर्पण के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर आगरा में हिंदू महासभा का आयोजन चर्चा में है।