

संघ का सपा पर बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप
टिप्पणी को वैश्य समाज के अपमान से जोड़ने को बताया गलत
सपा के शासनकाल में व्यापारियों को हुई परेशानियों के लगाए आरोप
कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के बयान को लेकर उठे विवाद के बीच आगरा में वैश्य समाज के एक वर्ग ने उनके समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। श्री अग्रवाल संघ के पदाधिकारियों ने प्रताप नगर स्थित बुर्जी वाला हनुमान मंदिर में प्रेसवार्ता कर समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक लाभ के लिए बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मंत्री की टिप्पणी को वैश्य समाज के अपमान से जोड़ना गलत है। उनके मुताबिक, मंत्री ने किसी व्यक्ति या समुदाय पर नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी की कथित राजनीतिक संस्कृति पर निशाना साधा था।
प्रेसवार्ता में टीएन अग्रवाल, गौरव बंसल समेत श्री अग्रवाल संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि चुनावी आरोप-प्रत्यारोप के बीच कुछ लोग बयान का गलत अर्थ निकालकर राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। वैश्य समाज को ऐसे प्रयासों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का समर्थन करते हुए कहा कि उनके बयान को संदर्भ से अलग करके पेश नहीं किया जाना चाहिए।
कपड़ा, सर्राफा, पेठा, लोहा और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार से जुड़े वैश्य समाज के पदाधिकारियों ने सपा के पूर्ववर्ती शासनकाल पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में बूथ कैप्चरिंग, अपहरण, फिरौती, चौथ वसूली, लूट और कारोबारियों की संपत्तियों पर कब्जे जैसी घटनाओं से व्यापारी वर्ग प्रभावित होता था। पदाधिकारियों ने दावा किया कि वैश्य समाज के कारोबारियों को भी इन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था।
राजेश अग्रवाल, मनोज गर्ग और राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी की राजनीति में वैश्य समाज के हितों को पर्याप्त स्थान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने राजनीतिक एजेंडे के तहत समाज को अलग-अलग वर्गों में बांटकर राजनीति करते हैं, उन्हें वैश्य समाज का प्रतिनिधि बनकर बोलने का अधिकार नहीं जताना चाहिए।
पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री के बयान को लेकर विवाद खड़ा करने वाले लोग राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि वे किसी भी बयान पर प्रतिक्रिया देने से पहले उसका पूरा संदर्भ समझें।
प्रेसवार्ता में वक्ताओं ने कहा कि योगेंद्र उपाध्याय लंबे समय से शहर की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और करीब 15 वर्षों तक विधायक के रूप में शहर का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। पदाधिकारियों ने दावा किया कि मंत्री जरूरत पड़ने पर वैश्य समाज के लोगों की मदद के लिए खड़े रहे हैं। ऐसे में उनके बयान को लेकर बेवजह विवाद खड़ा करना उचित नहीं है।
ओएस गर्ग, बीएस गर्ग, विनय बंसल, शशिकांत और राकेश अग्रवाल ने भी समाज के लोगों से राजनीतिक आरोपों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी बयान की व्याख्या उसके मूल संदर्भ और पूरे घटनाक्रम को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए।
दरअसल, आगरा खंड एमएलसी चुनाव के दौरान भाजपा और सपा के बीच बूथ कैप्चरिंग के आरोप-प्रत्यारोप को लेकर विवाद सामने आया था। इसी संदर्भ में एक पत्रकार ने कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से सवाल किया था कि सपा प्रत्याशी और सपा के लोग भाजपा पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगा रहे हैं, इस पर उनका क्या कहना है?
इसके जवाब में मंत्री ने कथित तौर पर कहा था, “सपा के लोग भाजपा पर बूथ कैप्चर का आरोप लगा रहे हैं!! वाह!! यह तो ठीक उसी प्रकार हुआ, मानो कोई वैश्या किसी सती पर उंगली उठाए।”
इस टिप्पणी के बाद बयान के शब्दों और उसके आशय को लेकर विवाद खड़ा हो गया। श्री अग्रवाल संघ के पदाधिकारियों का तर्क है कि मंत्री की टिप्पणी को सपा की राजनीतिक संस्कृति पर कटाक्ष के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि वैश्य समाज पर टिप्पणी के रूप में। हालांकि, बयान की भाषा और उसके अर्थ को लेकर उठे सवालों के बीच यह विवाद राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रेसवार्ता में सुनील मित्तल, राजेश अग्रवाल, संदीप गुप्ता, राजीव गुप्ता, नंदनंदन गर्ग, राजेश जिंदल, पुरुषोत्तम, राकेश बंसल, आलोक जैन, नवीन अग्रवाल, मोहन गर्ग, अजय बिहारी और दुष्यंत अग्रवाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।