

Agra Fort Railway Station Chain-Pulling Incident: 12 जुलाई को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और डिप्टी स्टेशन अधीक्षक के बीच हुए विवाद की जांच अभी पूरी भी नहीं हो सकी है कि आगरा में RPF एक बार फिर नए विवाद में घिर गई है। इस बार मामला आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन का है, जहां चेन पुलिंग के बाद एक पूरे परिवार को ट्रेन से उतारकर RPF थाने ले जाने की कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना रविवार रात की है। रामनगर एक्सप्रेस आगरा फोर्ट स्टेशन से रवाना हो रही थी। इसी दौरान मथुरा निवासी एक दंपती जनरल कोच में सवार हुए, जबकि उनके बच्चे प्लेटफॉर्म पर ही छूट गए। बच्चों के छूटने का एहसास होते ही दंपती ने ट्रेन रोकने के लिए चेन पुलिंग कर दी। सूचना मिलते ही RPF मौके पर पहुंची और शुरुआती शक में एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। बाद में जांच में वास्तविक परिवार की पहचान होने पर दंपती सहित पूरे परिवार को ट्रेन से उतारकर RPF थाने ले जाया गया।
इस कार्रवाई के दौरान यात्रियों और RPF के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। परिवार का कहना था कि बच्चों की सुरक्षा के लिए मजबूरी में चेन पुलिंग करनी पड़ी। विवाद के चलते रामनगर एक्सप्रेस भी निर्धारित समय से देरी से रवाना हुई।
आगरा डिवीज़न के जनसंपर्क अधिकारी संजय गौतम ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चेन पुलिंग के बाद चलती ट्रेन से एक परिवार को उतारा गया, जिससे उनकी यात्रा भी प्रभावित हुई। पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है और यदि किसी कर्मचारी की भूमिका नियमों के विपरीत पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि 12 जुलाई को आगरा कैंट स्टेशन पर हुए चर्चित RPF-डीएसएस विवाद की जांच अभी भी लंबित है। ऐसे में आगरा फोर्ट की यह नई घटना रेलवे सुरक्षा बल की कार्यशैली पर फिर सवाल खड़े कर रही है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने यात्रियों के बीच यह बहस तेज कर दी है कि सुरक्षा के नाम पर की जा रही कार्रवाई कहीं संवेदनशील परिस्थितियों में यात्रियों की परेशानियां तो नहीं बढ़ा रही।
इस प्रकरण में जब कुछ यात्रियों से बात की गई तो उनका साफ तौर पर कहना था कि "सवाल चेन पुलिंग का नहीं, संवेदनशीलता का है; बच्चों की सुरक्षा के लिए ट्रेन रोकने वाले परिवार को क्या अपराधी की तरह ट्रीट किया गया?"