श्रद्धा और सेवा भाव से मनाया गया गुरु हरकिशन साहिब जी का प्रकाश पर्व, गुरुद्वारों में गूंजा गुरबाणी कीर्तन

Prakash Parv Agra: आगरा में सिख धर्म के 8वें गुरु श्री गुरु हरकिशन साहिब जी का प्रकाश पर्व श्रद्धा और सेवा भाव से मनाया गया। गुरुद्वारों में कीर्तन, अरदास, अखंड पाठ और गुरु के अटूट लंगर का आयोजन हुआ।
Guru Harkrishan Sahib Ji Prakash Purab Celebrated with Devotion in Agra
गुरु हरकिशन साहिब जी का प्रकाश पर्व (सोर्स- फोटो नवभारत)
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Guru Harkrishan Sahib Ji Prakash Parv: सिख धर्म के आठवें गुरु, श्री गुरु हरकिशन साहिब जी महाराज का प्रकाश पर्व शुक्रवार को आगरा में गहरी श्रद्धा, आस्था और सेवा भाव के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन समागम, अरदास और गुरु के अटूट लंगर का आयोजन किया गया। इस दौरान संगत को गुरु हरकिशन साहिब जी के जीवन, उनकी करुणा, मानव सेवा और त्याग के संदेश से अवगत कराया गया।

श्री गुरु सिंह सभा माईथान की ओर से गुरुद्वारा माईथान में सुबह विशेष कीर्तन समागम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश के साथ हुआ। इसके बाद स्त्री सत्संग सभा द्वारा दुख भंजनी साहिब के पाठ किए गए। सभा के प्रधान कवलदीप सिंह ने बताया कि प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में पिछले 11 दिनों से प्रतिदिन दुख भंजनी साहिब के लड़ीवार पाठ किए जा रहे थे, जिनका समापन इस विशेष समागम में हुआ।

लखविंदर सिंह ने गुरबाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया

गुरुद्वारा माईथान के हजूरी रागी भाई लखविंदर सिंह ने गुरबाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया। वहीं सुखमनी सेवा सभा के वीर महेंद्र पाल सिंह ने अमृतमयी वाणी का गायन करते हुए गुरु हरकिशन साहिब जी की महिमा का गुणगान किया।

गुरुद्वारा माईथान के हेड ग्रंथी ज्ञानी कुलविंदर सिंह ने संगत को संबोधित करते हुए बताया कि गुरु हरकिशन साहिब जी के समय दिल्ली में हैजा और चेचक जैसी घातक बीमारियों का प्रकोप फैला हुआ था। गुरु साहिब ने स्वयं पीड़ितों की सेवा कर मानवता की मिसाल पेश की और लोगों को इस महामारी से राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि गुरु हरकिशन साहिब जी करुणा, सेवा और समर्पण के प्रतीक हैं।

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'बाला प्रीतम' के नाम से भी जाने जाते हैं गुरु हरकिशन साहिब जी

मीडिया प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया कि गुरु हरकिशन साहिब जी मात्र पांच वर्ष की आयु में गुरु गद्दी पर विराजमान हुए थे। सबसे कम उम्र में गुरु बनने के कारण उन्हें विश्वभर में श्रद्धापूर्वक 'बाला प्रीतम' के नाम से भी जाना जाता है।

कीर्तन समागम का समापन अरदास और हुकुमनामे के साथ हुआ। इस अवसर पर हरपाल सिंह, प्रवीण अरोड़ा, रौनक वाधवा, अवनीत कौर, परमजीत कौर, निर्मल कौर, हरजोत कौर, रक्षपाल सिंह, कुलदीप गांधी सहित बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही।

गुरुद्वारा नॉर्थ ईदगाह में भी सजा दिव्य समागम

वहीं गुरुद्वारा नॉर्थ ईदगाह में भी श्री गुरु हरकिशन साहिब जी का प्रकाश पर्व अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में दो दिन पूर्व आरंभ किए गए अखंड पाठ साहिब का शुक्रवार सुबह विधिवत समापन हुआ। इसके बाद बीबी कश्लीन कौर के जत्थे ने गुरबाणी की अमृत वर्षा कर संगत को भावविभोर कर दिया।

समागम के अंत में आनंद साहिब का पाठ, अरदास और हुकुमनामे के पश्चात गुरु का अटूट लंगर वितरित किया गया, जिसमें संगत ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर हरजीत सिंह प्रिंस, त्रिलोक सिंह, इंदरपाल सिंह, गुरमीत सेठी, अमनप्रीत सोबती, विक्की पुरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

प्रकाश पर्व के अवसर पर वक्ताओं ने गुरु हरकिशन साहिब जी के सेवा, विनम्रता, करुणा और मानव कल्याण के संदेश को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

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