CBI Raid: मोदी सरकार की सोलर योजना पर भ्रष्टाचार का दाग, PNB मैनेजर 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार
CBI Raid Agra: आगरा के बरहन स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की भद्रौली शाखा के शाखा प्रबंधक को CBI ने सोलर पैनल लोन की फाइलें क्लियर करने के बदले 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
- Reported By: प्रदीप कुमार रावत | Edited By: स्निग्धा श्रीवास्तव
CBI का बड़ा एक्शन (सोर्स- फोटो नवभारत)
CBI Raid Agra PNB Bribery Case: भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की भद्रौली शाखा, बरहन के शाखा प्रबंधक प्रवीण यादव को रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर सोलर पैनल लोन की फाइलों को प्रोसेस और क्लियर करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
प्रति फाइल 7 हजार रुपये की रिश्वत
CBI के अनुसार, 25 जून को दर्ज शिकायत में एक निजी कंपनी से जुड़े शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके 19 सोलर पैनल लोन आवेदन पहले ही बैंक से स्वीकृत हो चुके थे। इसके बावजूद शाखा प्रबंधक ने फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रति फाइल 7 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में बातचीत के बाद कुल 52 हजार रुपये में सौदा तय हुआ।
30 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया शाखा प्रबंधक
शिकायत मिलने के बाद CBI ने मामले का सत्यापन कर ट्रैप बिछाया। कार्रवाई के दौरान आरोपी शाखा प्रबंधक शिकायतकर्ता से 30 हजार रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को शुक्रवार को गाजियाबाद की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। मामले की जांच जारी है।
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देशभर में घर-घर तक सोलर योजनाओं को पहुंचाने पर केंद्र सरकार का जोर
यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि केंद्र सरकार देशभर में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और घर-घर तक सोलर योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दे रही है। ऐसे में यदि सोलर लोन से जुड़े मामलों में रिश्वतखोरी के आरोप सामने आते हैं, तो इससे आम लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी सवाल खड़े होते हैं।
बैंक की एक शाखा में सामने आया यह मामला पूरे बैंकिंग तंत्र का प्रतिनिधित्व नहीं करता, लेकिन यह संकेत जरूर देता है कि यदि ऐसी अनियमितताओं पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया, तो सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।
इस कार्रवाई को लेकर CBI की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वहीं, इस घटना के बाद बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
