NEET Exam Mock Drill: नीट-एग्जाम से पहले NTA की देशभर में मॉक ड्रिल, 551 शहरों में बनाए गए सेंटर
NEET Exam Mock Drill: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने 21 जून के नीट री-एग्जाम से पहले देशभर में मॉक ड्रिल की है। परीक्षा के लिए 551 शहरों में सेंटर बनाए हैं और लगभग 22.79 लाख छात्र यह परीक्षा देंगे।
- Written By: प्रिया सिंह
नीट री-एग्जाम (सोर्स-सोशल मीडिया)
Nationwide NEET Exam Mock Drill: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी रविवार 21 जून को होने वाले री-एग्जाम से पहले देशभर में सघन मॉक ड्रिल कर रही है। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि वह इस बार इस अहम मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है और कोई चूक नहीं होगी। परीक्षा सामग्री को बहुत ही सुरक्षित ढंग से ले जाने की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय जिला प्रशासन, पुलिस बलों और एक विशेष एस्कॉर्ट टीम को सौंपी गई है।
यह महत्वपूर्ण परीक्षा इस साल पहले 3 मई को कराई गई थी लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने के भारी आरोपों के बाद इसे 12 मई को रद्द कर दिया गया था। अब CBI इस पूरे मामले की बहुत ही गहनता से जांच कर रही है जिससे असल दोषियों को जल्द ही पकड़ा जा सके। नए शेड्यूल के मुताबिक अब यह री-एग्जाम रविवार दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक देशभर में पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी।
551 शहरों में परीक्षा केंद्र
इस अहम और बड़ी परीक्षा के लिए देश भर के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी पूरी तरह पंजीकृत हैं। परीक्षा के सफल आयोजन और निगरानी के लिए 674 शहर समन्वयक और 6,669 पर्यवेक्षक खास तौर पर हर जगह तैनात किए गए हैं। एजेंसी ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि सुचारु और निष्पक्ष संचालन सुनिश्चित करने के लिए दो लाख से ज्यादा कर्मचारियों को भी कड़े सुरक्षा इंतजामों और निगरानी में लगाया गया है।
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सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम
परीक्षा सामग्री के सुरक्षित परिवहन के लिए भारी पुलिस एस्कॉर्ट के साथ-साथ खास जीपीएस-सक्षम वाहनों की बहुत ही मजबूत व्यवस्था की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर लगातार सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और छात्रों का आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण भी सख्ती से सुनिश्चित किया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश करने से पहले सभी अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर से गहन जांच की जाएगी और हर केंद्र पर अतिरिक्त सुरक्षा उपकरण प्रमुखता से लगाए गए हैं।
शिक्षा मंत्री की उच्च स्तरीय बैठक
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बृहस्पतिवार को शिक्षा मंत्रालय और एनटीए के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर एक उच्च-स्तरीय बैठक की थी। प्रधान ने सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए थे कि वे पूरी तरह सतर्क रहें और पारदर्शी तरीके से बिना किसी गड़बड़ी के परीक्षा आयोजित करने के लिए तैयार रहें। राज्य सरकारों के नोडल अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि छात्रों को जरूरी सुविधाएं मिलें ताकि वे पूरी तरह तनाव-मुक्त होकर अपनी परीक्षा दे सकें।
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विपक्ष का सरकार पर भारी दबाव
नीट यूजी पेपर लीक के इन गंभीर आरोपों को लेकर देशभर में पिछले कुछ दिनों से बहुत ज्यादा राजनीतिक बवाल हो चुका है जो अब भी लगातार जारी है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित तमाम विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की बहुत ही कड़ी मांग की है। ऐसे भारी कड़े राजनीतिक और सामाजिक दबाव के बीच इस बड़ी परीक्षा को पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने की बहुत बड़ी चुनौती अब सीधे तौर पर एनटीए के सामने खड़ी है।
