ग्राहक बताता था पसंद, गैंग चाइनीज टेक्नोलॉजी से करता चोरी; आगरा पुलिस ने अंतरराज्यीय गैंग का किया भंडाफोड़
Agra Police News: आगरा पुलिस ने ऑन-डिमांड लग्जरी कार चोरी करने वाले अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश कर 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह चाइनीज टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर कार चोरी करता था।
- Reported By: प्रदीप कुमार रावत | Edited By: स्निग्धा श्रीवास्तव
आगरा कार चोरी मामला (सोर्स- फोटो नवभारत)
Agra Police Recovere Stolen Cars: आगरा में अगर किसी को करोड़ों रुपये कीमत वाली लग्जरी कार बेहद कम कीमत में चाहिए थी, तो यह गिरोह उसका इंतजाम करने को तैयार था। ग्राहक की पसंद की कार बताइए और फिर कुछ ही समय में वही कार चोरी करवा दी जाती थी। चोरी के बाद गाड़ी की पहचान बदलने से लेकर फर्जी दस्तावेज और नया मालिक तैयार करने तक का पूरा नेटवर्क सक्रिय था।
आगरा पुलिस ने ऐसे ही एक अंतरजनपदीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ऑन डिमांड लग्जरी और ऑटोमैटिक कारों की चोरी करता था। इनके निशाने पर महंगी और इलेक्ट्रॉनिक सिक्योरिटी सिस्टम वाली गाड़ियां रहती थीं।
चाइनीज टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते थे आरोपी
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के अनुसार, आरोपी कार चोरी करने के लिए आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और चाइनीज टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते थे। गाड़ी के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को स्कैन कर उसके लॉक और सिक्योरिटी सिस्टम को बायपास किया जाता था और देखते ही देखते कार स्टार्ट कर दी जाती थी।
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गिरोह की चालाकी यहीं खत्म नहीं होती थी। पुलिस के मुताबिक, चोरी की गई कार को करीब 25 से 30 किलोमीटर आगे ले जाकर उसका जीपीएस निकाल दिया जाता था, ताकि वाहन की लोकेशन ट्रैक न हो सके।

चोरी की गाड़ियों के इंजन और चेसिस नंबर में की जाती थी हेराफेरी
इसके बाद शुरू होता था चोरी की कार को ‘नई पहचान’ देने का खेल। पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा चोरी की गाड़ियों के इंजन और चेसिस नंबर में हेराफेरी की जाती थी। पुरानी कबाड़ गाड़ियों के नंबर चोरी की कारों पर इस्तेमाल कर उन्हें वैध वाहन जैसा दिखाने की कोशिश की जाती थी।
इसके बाद कार को नया रूप देकर कार बाजार में फर्जी पहचान के साथ उतारा जाता था। यानी सड़क से कार गायब होने के बाद सिर्फ वाहन चोरी नहीं होती थी, बल्कि उसकी पूरी पहचान ही बदल दी जाती थी।
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गिरोह के कब्जे से 11 चोरी की गाड़ियां बरामद
पुलिस ने गिरोह के कब्जे से 11 चोरी की गाड़ियां बरामद की हैं। पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क आगरा तक सीमित नहीं था, बल्कि दूसरे जनपदों और राज्यों तक फैला हुआ था।
पुलिस अब बरामद वाहनों के स्रोत, खरीदारों, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। इस खुलासे ने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है-क्या महंगी कारों की चोरी के पीछे सिर्फ चोर होते हैं या फिर चोरी की गाड़ी खरीदने और उसे नया मालिक देने वाला पूरा बाजार भी सक्रिय है?
आगरा पुलिस अब इसी कड़ी को जोड़ने में जुटी है। अगर जांच में नेटवर्क की अन्य परतें खुलती हैं तो यह मामला सिर्फ वाहन चोरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चोरी की गाड़ियों को खपाने वाले बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क तक पहुंच सकता है।
