

Agra District Hospital Assault Case: जिला अस्पताल में मरीज आमतौर पर अपनी बीमारी का उपचार कराने पहुंचते हैं, लेकिन शुक्रवार को यहां इलाज से इतर एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। जगनेर थाना क्षेत्र के एक विवाद में पीड़ित और आरोपी मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। मेडिकल की प्रक्रिया शुरू होती, उससे पहले ही दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और दबंगों ने पीड़ित पर अचानक हमला कर दिया।
मामला आगरा कमिश्नरेट के वेस्ट जोन के थाना जगनेर क्षेत्र के गुलाब गंज से जुड़ा हुआ है। पीड़ित हुकुम सिंह पुत्र विजय सिंह का आरोप है कि 18 सितंबर को गांव के ही कुछ लोगों ने उस पर अचानक हमला कर दिया था। इस दौरान उसकी छोटी बहन रचना भी मौजूद थी। पीड़ित का आरोप है कि हमले में उसे गंभीर चोटें आईं, जबकि उसकी बहन के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की और उसके कपड़े फाड़ दिए।
पीड़ित हुकुम सिंह के मुताबिक, गांव के सूरज, मनीष, रामनिवास, राजवीर, कमल और मुखिया उर्फ संजू, सभी निवासी गुलाब गंज, थाना जगनेर, ने एक साथ उस पर हमला किया था। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी गांव में दबंगई करते हैं और आए दिन लोगों से मारपीट और झगड़ा करते रहते हैं।
इसी मामले में शुक्रवार को पीड़ित और आरोपी पक्ष मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। पीड़ित के मुताबिक, मेडिकल होने से पहले ही आरोपियों ने अचानक उसके ऊपर हमला बोल दिया। अस्पताल परिसर में अचानक हुई मारपीट से अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। दबंग पिटता रहा और थाना जगनेर से आया एक होम गार्ड सिर्फ देखता रहा, पीड़ित के साथ उसके दो भाई भी थे दबंगों ने उनके साथ भी मारपीट की।
वायरल वीडियो में कुछ लोग पीड़ित पर अचानक हमला करते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, मौके पर मौजूद एक होमगार्ड दोनों पक्षों के बीच हो रही मारपीट को रोकने और स्थिति संभालने का प्रयास करता नजर आ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब एक आपराधिक मामले में आरोपी और पीड़ित दोनों को पुलिस मेडिकल के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची थी, तो अस्पताल परिसर में हमला होने की नौबत आखिर कैसे आई? थाना जगनेर के होमगार्ड की मौजूदगी के बावजूद दोनों पक्षों में मारपीट हो गयी। इसका मुख्य कारण था थाना जगनेर द्वारा मेडिकल के लिए सिर्फ एक होम गार्ड का भेजा जाना। अगर लोग पीड़ित को बचाने नहीं आते तो संभव है, मामला गंभीर हो सकता था।
घटना के बाद जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और थाना जगनेर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि पुलिस की मौजूदगी में उस पर हमला हुआ। अब देखना होगा कि इस पूरे मामले में पुलिस क्या कार्रवाई करती है और अस्पताल परिसर में हुई मारपीट के मामले में आरोपियों के खिलाफ क्या कदम उठाया जाता है।