

Agra Municipal Corporation Bulldozer Action: ताजनगरी में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम का अभियान लगातार जारी है। इस बीच कार्रवाई के साथ-साथ विरोध की तस्वीरें भी सामने आने लगी हैं। बीते कुछ दिनों में शहर के अलग-अलग इलाकों में नगर निगम की टीम ने सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की। इसी दौरान कई जगह विरोध इतना बढ़ गया कि नगर निगम की टीम और स्थानीय लोगों के बीच तीखी कहासुनी की स्थिति बन गई।
एक मामले में महिलाएं सड़क पर लेट गईं, जबकि दूसरे घटनाक्रम में दंपती बुलडोजर पर ही जा बैठा। इन घटनाओं के वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं।
इसी अभियान से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में स्थिति और संवेदनशील हो गई। एक मकान के सामने बने कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर निगम की टीम पहुंची थी। कार्रवाई शुरू होने के दौरान घर के स्वामी दंपती ने बुलडोजर पर चढ़कर विरोध जताना शुरू कर दिया। चलती मशीन के ऊपर लोगों के बैठ जाने से मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई।
ऐसी स्थिति में जरा सी चूक गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी। चालक की सूझबूझ और मौके पर मौजूद टीम के हस्तक्षेप से स्थिति को संभाला गया। नगर निगम के अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद बढ़ने से पहले पुलिस की मदद से स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।
हालांकि, नगर निगम की कार्रवाई को लेकर प्रशासन का जोर सार्वजनिक रास्तों को अतिक्रमण मुक्त कराने पर है, लेकिन इन घटनाओं ने अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। बीते तीन दिनों में नगर निगम की टीम ने मारुति स्टेट, बोदला, सेंट पीटर्स चौराहे से लेकर घटिया आजम खां तक अलग-अलग स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
सेंट पीटर्स चौराहे से घटिया आजम खां तक क्षेत्रीय इंस्पेक्टर नूपुर सिंह के नेतृत्व में अभियान चलाया गया। सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण करने वालों को हटाया गया और नियमों का उल्लंघन करने वालों के एक-एक हजार रुपये के चालान भी काटे गए।
बोदला के मारुति स्टेट में कार्रवाई के दौरान विरोध की तस्वीर अलग दिखाई दी। नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची तो स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में महिलाएं मौके पर पहुंच गईं। कार्रवाई का विरोध करते हुए कुछ महिलाएं सड़क पर बैठ गईं और बाद में सड़क पर लेटकर टीम को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया।
पुलिस की मौजूदगी में उन्हें समझाने का प्रयास किया गया। विरोध के कारण मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
यह पहली बार नहीं है जब आगरा में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान नगर निगम की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा हो। हाल में भी शहर के अलग-अलग हिस्सों में सड़क, फुटपाथ और नालियों पर किए गए अतिक्रमण हटाने के दौरान विरोध और हंगामे की खबरें सामने आई हैं।
अब ताजा घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद चर्चा सिर्फ अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी है कि जब अतिक्रमण हटाने के दौरान कोई व्यक्ति बुलडोजर पर चढ़ जाए या महिलाएं सड़क पर लेट जाएं, तो कार्रवाई को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने की रणनीति क्या होगी?
आगरा नगर निगम का अभियान जारी है और अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई नियमानुसार जारी रहेगी। वहीं, स्थानीय लोगों की ओर से कार्रवाई से पहले अपनी आपत्तियां और समस्याएं सुने जाने की मांग की जा रही है।
ऐसे में आगरा में अब असली चुनौती सिर्फ अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि बुलडोजर और विरोध के बीच कार्रवाई को बिना किसी बड़े हादसे के अंजाम देना भी बन गई है।