विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस 2026 (सोर्स-सोशल मीडिया)
World Consumer Rights Day, Guide To Star Ratings Online And Property Buyer Legal Rights: हर साल 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है ताकि ग्राहकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके। इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक सामान की स्टार रेटिंग और प्रॉपर्टी खरीदते समय होने वाली धोखाधड़ी से बचने के उपाय जानना अत्यंत आवश्यक है। भारत में बिजली बचाने के लिए BEE स्टार रेटिंग और घरों की सुरक्षा के लिए रेरा (RERA) जैसे कानून बनाए गए हैं। आइए जानते हैं कि कैसे आप एक जागरूक उपभोक्ता बनकर अपने पैसे और मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकते हैं।
एसी और फ्रिज खरीदते समय अक्सर ग्राहक स्टार रेटिंग देखते हैं लेकिन यह जानना जरूरी है कि वह असली है या नकली। भारत में स्टार रेटिंग देने का काम सरकारी संस्था ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) द्वारा किया जाता है। किसी भी उपकरण पर लगे लाल रंग के स्टार बिजली की खपत और बचत की जानकारी विस्तार से देते हैं।
अधिक स्टार रेटिंग वाले उपकरण कम बिजली खर्च करते हैं जिससे आपके बिजली के बिल में काफी बचत होती है। उदाहरण के लिए 5-स्टार एसी या फ्रिज बिजली बचाने में सबसे बेहतर माने जाते हैं जबकि 2-स्टार उपकरण ज्यादा बिजली लेते हैं। रेटिंग की सच्चाई जानने के लिए ग्राहक बीईई (BEE) की आधिकारिक मोबाइल ऐप का उपयोग कर आसानी से कर सकते हैं।
इस ऐप में आप उपकरण की कंपनी और मॉडल का नाम सर्च करके उसकी रेटिंग की सत्यता की जांच कर सकते हैं। अगर ऐप में मॉडल का नाम नहीं मिलता है तो वह प्रोडक्ट रजिस्टर नहीं माना जाता है। इस छोटी सी जांच से आप बाजार में होने वाली ठगी से बच सकते हैं और सही सामान घर ला सकते हैं।
मकान खरीदना जीवन का एक बड़ा आर्थिक और भावनात्मक फैसला होता है इसलिए खरीदारों को अपने कानूनी अधिकारों का ज्ञान होना चाहिए। रियल एस्टेट के सौदों में अक्सर ठगी की खबरें आती हैं इसलिए प्रॉपर्टी की कानूनी स्थिति और रेरा पंजीकरण की जांच अनिवार्य है। एक जागरूक खरीदार ही खुद को वित्तीय नुकसान और घोटालों से पूरी तरह सुरक्षित रख सकता है।
प्रॉपर्टी के मामले में जानकारी का अधिकार सबसे बुनियादी अधिकार है जिसमें मंजूरियों और कब्जे की समय-सीमा शामिल है। बिल्डरों को टाइटल डीड, एन्कम्ब्रेन्स सर्टिफिकेट और रेरा विवरण जैसे मूल दस्तावेज खरीदारों को स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराने चाहिए। कोई भी जानकारी छुपाना या भ्रामक विज्ञापन देना कानूनन अपराध है और इस पर भारी जुर्माना लग सकता है।
रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट (RERA) 2016 को खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए ही विशेष रूप से लागू किया गया है। इसके तहत सभी प्रोजेक्ट्स का पंजीकरण अनिवार्य है और बिल्डरों को नियमों का पालन करना पड़ता है। अगर कब्जे में देरी होती है या निर्माण की गुणवत्ता खराब है तो खरीदार रेरा प्राधिकरण में अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
बिल्डरों को प्रोजेक्ट की डिलीवरी के लिए निर्धारित समय सीमा का सख्ती से पालन करना आवश्यक होता है। अगर देरी बहुत अधिक होती है तो खरीदार अपने पैसे वापस पाने या मुआवजे का दावा करने का पूरा अधिकार रखते हैं। यह कानून सुनिश्चित करता है कि ग्राहकों की मेहनत की कमाई किसी भी गलत हाथों में जाकर बर्बाद न हो जाए।
कब्जा मिलने के बाद भी अगर निर्माण में कोई संरचनात्मक दोष मिलता है तो बिल्डर को उसे ठीक करना होगा। रेरा के नियमों के अनुसार पांच साल के भीतर आने वाले किसी भी दोष को ठीक करने की जिम्मेदारी डेवलपर की होती है। यह प्रावधान ग्राहकों को खराब निर्माण सामग्री और छिपे हुए तकनीकी दोषों से सुरक्षा प्रदान करने का काम करता है।
खरीदारों को अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पहले सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए ताकि कोई एकतरफा शर्त न हो। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत अनुचित अनुबंधों को अदालत में चुनौती दी जा सकती है ताकि खरीदार का अहित न हो। अगर डेवलपर समझौते का उल्लंघन करता है तो उपभोक्ता ब्याज के साथ रिफंड की मांग भी कर सकता है।
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बिल्डरों को संपत्ति की कीमत के बारे में पूरी और पारदर्शी जानकारी देना अनिवार्य होता है जिसमें सभी शुल्क शामिल हों। इसमें रखरखाव, पार्किंग और पंजीकरण शुल्क जैसे अतिरिक्त खर्चों को भी स्पष्ट रूप से बताना जरूरी माना जाता है। कीमतों में किसी भी प्रकार का हेरफेर या ग्राहकों को गुमराह करना रेरा कानूनों के तहत दंडनीय अपराध है।
सही जानकारी ही उपभोक्ता की सबसे बड़ी शक्ति है जो उसे धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों और फर्जी वादों से बचाती है। बाजार में मौजूद भ्रामक विज्ञापनों से बचने के लिए सरकारी आंकड़ों और पंजीकृत दस्तावेजों पर ही भरोसा करना चाहिए। विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस हमें याद दिलाता है कि एक सजग ग्राहक ही बाजार में अपनी सही जगह बना सकता है।