

Women Empowerment Scheme : योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन योजना के तहत राज्य की लाखों महिलाओं को आर्थिक मदद दी जा रही है।
इस योजना का संचालन महिला कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पति की मृत्यु के बाद महिलाओं को आर्थिक सहारा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार चाहती है कि कोई भी जरूरतमंद महिला इस योजना से वंचित न रहे और सम्मानजनक जीवन जी सके।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 40 लाख 32 हजार 629 से ज्यादा महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है। यह संख्या पहले के मुकाबले काफी ज्यादा है, क्योंकि वर्ष 2016-17 से पहले लगभग 17.31 लाख महिलाएं ही इसका लाभ ले रही थीं। योजना के तहत महिलाओं को हर महीने ₹1000 की पेंशन दी जाती है, जो साल में चार किस्तों में उनके खाते में ट्रांसफर होती है।
यानी हर तीन महीने पर अप्रैल-जून, जुलाई-सितंबर, अक्टूबर-दिसंबर और जनवरी-मार्च की राशि एक साथ दी जाती है। यह पैसा सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में PFMS के जरिए भेजा जाता है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं। आवेदक महिला उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी होनी चाहिए और उसके पति का निधन हो चुका हो। महिला की उम्र 18 साल से अधिक होनी चाहिए और परिवार की सालाना आय ₹2 लाख से कम होनी जरूरी है।
पहले इस योजना में ₹500 प्रति माह दिए जाते थे, लेकिन साल 2012 के बाद इसे बढ़ाकर ₹1000 कर दिया गया। उत्तर प्रदेश सरकार का मानना है कि इस योजना से महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी और वे आत्मसम्मान के साथ अपना जीवन जी सकेंगी।