

Youth Employment Scheme : भारत सरकार ने युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना में बड़े बदलाव किए हैं। इस योजना को अब पहले से ज्यादा आकर्षक और उपयोगी बनाया गया है, ताकि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ काम का व्यावहारिक अनुभव भी हासिल कर सकें।
सरकार का मानना है कि आज के समय में केवल किताबों का ज्ञान ही काफी नहीं है, बल्कि इंडस्ट्री में काम करने का अनुभव भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के साथ इस योजना को अपडेट किया गया है।
नए बदलाव के तहत अब इंटर्नशिप करने वाले युवाओं को हर महीने ₹9,000 तक का स्टाइपेंड मिलेगा। इसमें 90 प्रतिशत हिस्सा सरकार देगी, जिससे छात्रों को आर्थिक मदद भी मिलेगी। इसके अलावा, ₹6,000 की अतिरिक्त सहायता भी दो किस्तों में दी जाएगी, जिससे इंटर्नशिप के दौरान होने वाले खर्च को पूरा करने में आसानी होगी।
योजना की उम्र सीमा को बढ़ाकर 18 से 25 साल कर दिया गया है, जिससे अब ज्यादा युवा इसमें आवेदन कर सकेंगे। पहले यह सीमा 21 से 24 साल थी। साथ ही, अब ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष के छात्र भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें अपने कॉलेज से NOC देना जरूरी होगा।
इस योजना के तहत युवाओं को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), नवीकरणीय ऊर्जा और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक और तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में काम करने का मौका मिलेगा। यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लाई गई है, जिसमें practical learning और industry exposure पर खास जोर दिया गया है।
सरकार को उम्मीद है कि इस बदलाव से ज्यादा से ज्यादा युवाओं को इंटर्नशिप का मौका मिलेगा और उनकी रोजगार क्षमता भी बढ़ेगी। इससे युवा पढ़ाई के साथ-साथ अपने करियर को मजबूत बना पाएंगे और भविष्य में बेहतर नौकरी हासिल कर सकेंगे।